हरदोई। मुजफ्फरनगर के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के विरोध में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। इससे दोपहर तक मूल्यांकन कार्य बाधित रहा।
दोपहर बाद वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों ने आंशिक रूप से मूल्यांकन किया। पूरे दिन मूल्यांकन केंद्रों पर अफरातफरी का माहौल रहा।वाराणसी के राजकीय विद्यालय में तैनात रहे मुजफ्फरनगर निवासी शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की कॉपी ले जाते समय सुरक्षा कर्मी ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।
शिक्षक की हत्या के विरोध में माध्यमिक शिक्षक संघ ने मांगें पूरी न होने पर शनिवार से मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार का एलान किया था। इसको लेकर शहर के तीनों मूल्यांकन केंद्र पर सुबह से ही मूल्यांकन कार्य बाधित रहा। शिक्षक संगठनों ने केंद्रों पर विरोध प्रदर्शन किया।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज, श्री वेणी माधव बालिका इंटर कॉलेज और आरआर इंटर कॉलेज पर मूल्यांकन कार्य बाधित हुआ। शिक्षकों के हंगामे के बीच जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद ने शिक्षक संगठनों के वार्ता की, मगर मूल्यांकन कार्य को राजकीय व एडेड विद्यालय के शिक्षक तैयार नहीं हुए।
दोपहर ढाई बजे के बाद वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य शुरू किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव मिश्र और राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर मूल्यांकन नहीं किया गया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री आशीष सिंह ने कहा कि जब तक सरकार मृत शिक्षक के लिए संगठन द्वारा ज्ञापित मांगे नहीं पूरी करती, तब तक बहिष्कार जारी रहेगा।
श्री वेणीमाधव विद्यापीठ इंटर कॉलेज में पांडेय गुट के मंडल व जिलाध्यक्ष विधानचंद्र द्विवेदी, माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के जिलाध्यक्ष सुधीर गंगवार, राजकीय इंटर कॉलेज में प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेश मित्तल, अटेवा के जिलाध्यक्ष डॉ. जैनुल खान, एकजुट के जिलामंत्री वीके राना, सुनील मंडल ने शिक्षक के समर्थन पर प्रदर्शन किया।
दोपहर बाद मूल्यांकन केंद्रों में कार्य शुरू हुआ। वित्तविहीन विद्यालयों के परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया। जीआईसी में 6790, आरआर इंटर कॉलेज में 2623 और श्री वेणी माधव बालिका इंटर कॉलेज केंद्र पर 637 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया।
बाल मुकुंद प्रसाद, डीआईआेएस