हरदोई । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बड़े पैमाने पर अपात्रों को लाभ दिए जाने के मामले सामने आने के बाद शासन ने सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (नो योर कस्टमर) व्यवस्था को ऑनलाइन मोड में अनिवार्य कर दिया है। जिले में लगभग सात लाख किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। इनमें तमाम लाभार्थी ऐसे हैं जिनके मोबाइल नंबर एवं आधार नंबर की ऑनलाइन फीडिंग होनी है। ई-केवाईसी की इस व्यवस्था के बीच ही विभागीय वेरीफिकेशन भी शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद ही लाभार्थियों को आगामी किस्त मिल सकेगी।
उप कृषि निदेशक डॉ. नंद किशोर ने बताया जिन लाभार्थियों ने ई सुविधा केंद्रों आदि से ऑनलाइन आवेदन किया था, उनके लिए आधार नंबर की फीडिंग और वैलिडेशन के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। ई- केवाईसी कृषक स्वयं अपने मोबाइल फोन से योजना की वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं। ब्लाक स्तर पर राजकीय कृषि बीज भंडारों पर भी किसान अपना आधार और मोबाइल नंबर आदि फीड करा सकते हैं। इसके अलावा लाभार्थी कृषक ऑनलाइन केंद्रों, सुविधा केंद्रों पर जाकर बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। 31 मार्च तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न कराने वाले किसानों की आगामी किस्त रुक जाएगी ।
हरपालपुर। विकास खंड क्षेत्र के 182 अपात्र किसानों को नोटिस जारी हुए हैं। अब तक 1.18 लाख रुपये सरकारी खजाने में वापस कराए जा चुके हैं। किसान कल्याण केंद्र हरपालपुर के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि अपात्र पाए गए किसानों को नोटिस दिया जा चुका है। बताया कि यदि अपात्र किसान धनराशि वापस नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध सरकारी राजस्व की तरह आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।