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समाजवादी पार्टी में दो-दो जिलाध्यक्ष

Thu, 05 Jan 2017 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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सपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शराफत अली का स्वागत करते कार्यकर्ता। - फोटो : amarujala
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हरदोई। समाजवादी पार्टी में शीर्ष नेतृत्व में छिड़ी जंग गुरुवार को जिलास्तर तक पहुंच गई। अखिलेश गुट के प्रदेश अध्यक्ष ने शराफत अली को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया जबकि पार्टी संविधान का हवाला देकर रामू कश्यप भी खुद को जिलाध्यक्ष मान रहे हैं। शराफत अली ने शाम को अपने गुट के कार्यकर्ताओं के साथ जिला कार्यालय जाकर पदभार भी संभाल लिया। 
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अखिलेश गुट के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने गुरुवार को शराफत अली को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया। उन्होंने शाम को अपने गुट के कार्यकर्ताओं के साथ कार्यलय में जिलाध्यक्ष की कुर्सी भी संभाल ली। 20 नवंबर को शराफत को हटाकर ही मुलायम सिंह यादव गुट के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह ने शराफत को हटाकर रामू कश्यप को जिलाध्यक्ष बनाया था।

लखनऊ में हुए सम्मेलन के बाद अखिलेश यादव गुट ने रामू कश्यप, प्रदेश सचिव राजेश यादव के साथ शिवपाल सिंह का पोस्टर फाड़ डाला था। गुरुवार शाम शराफत अली के जिलाध्यक्ष बनने के बाद इसी गुट ने मिठाइयां बांटीं। शराफत ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुझ पर विश्वास किया है। जिले की सभी सीटें जीतेंगे।
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संजय कश्यप, आदर्श दीपक मिश्र, अमित बाजपेई, मुकुल सिंह आशा, गीता सिंह, वसीम अहमद, अमित त्रिवेदी रानू, रामज्ञान गुप्ता, राहुल गुप्ता, प्रशांत मिश्र, यादवेंद्र यादव, राशंकर कश्यप और पवन कश्यप मौजूद रहे।  

रामू कश्यप ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और शिवपाल सिंह प्रदेश अध्यक्ष हैं। शिवपाल सिंह ने मुझे जिलाध्यक्ष बनाया है और मैं ही जिलाध्यक्ष हूं। जब नरेश उत्तम प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं हैं तो वह किसी को जिलाध्यक्ष कैसे बना सकते हैं। जिले के सपाई मेरे साथ हैं। मुलायम सिंह की अगुवाई में सपा चुनाव लड़ेगी। 

रामू की टीम में उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव उर्फ बीरे ने शराफत अली पर यादव विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहाकि शराफत अली कार्यकर्ताओं की जाति पूछकर काम करते हैं। उन्होंने सभी प्रत्याशियों का विरोध किया है। ये भी आरोप लगाया कि सीनियर नेता एसआरएस को गालियां देने वाले को मैं अध्यक्ष के रूप में कभी स्वीकार नहीं करूंगा। मुलायम सिंह ही मेरे नेता हैं। शराफत अली की अध्यक्षी में सपा को कोई प्रत्याशी नहीं जीत पाएगा। सदर से केवल नितिन अग्रवाल अपने दम पर जीतेंगे।
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