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सरसों, आलू व मसूर पर संकट, गन्ना गेहूं अमृत बनकर बरसी बारिश

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कछौना में रविवार की सुबह सड़क के किनारे कुछ इस तरह पड़े दिखाई दिए ओले। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। शनिवार देर शाम बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे सरसों, मसूर व आलू की फसल को नुकसान पहुंचा है। इन फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान मौसम खुलने पर सरसों व मसूर की फसल में दवा की छिड़काव जरूर करें। वहीं गेहूं की फसल को बारिश से फायदा होगा।
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कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार किसानों ने जिले में 3,22,181 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं, 19,138 हेक्टेयर में सरसों, 10, 841 हेक्टेयर में मसूर व 35 हजार हेक्टेयर में आलू की फसलें बोई हैं। शुक्रवार और शनिवार को झमाझम बारिश के बाद शनिवार देर शाम शहर व कछौना समेत अन्य कई हिस्सों में ओले भी पड़े। मौसम विभाग की माने तो लगभग 20 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। गेहूं और गन्ने की फसलें, मजबूत फसल मानी जाती हैं। इन फसलों को इस मौसम में पानी की दरकार होती है। बारिश होने पर इन फसलों को फायदा पहुंचा है।
सरसों, मसूर व आलू बोने वाले किसानों के लिए यह बारिश व ओलावृष्टि परेशानी का सबब बन गई है। सरसों की फसल में फूल और फली पड़ चुकी थीं, ऐसे में बारिश होने पर कई जगह सरसों की फसल पलट गई। फूल झड़ने से उत्पादन प्रभावित होना तय है। मौसम खुलने पर इसमें गेरुई रोग लगने की आशंका है। मसूर में भी रोग लगने की आशंका है। आलू के खेत में पानी भरने से फसल को नुकसान होना तय है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान आलू वाले खेत में जलभराव न होने दें। पानी के निकास की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
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यहां ओले गिरने से नुकसान
कछौना के किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण रैसों, समोघा, हरदासपुर, भगवंतापुर व कटियामऊ समेत एक दर्जनों गांवों में किसानों का खासा नुकसान हुआ है। भरावन क्षेत्र में शनिवार दोपहर से शुरू हुई बारिश देर रात तक होती रही। किसान भगवानदीन, सुमेश, राघवेंद्र, सुरेश सिंह व सुनील सिंह आदि ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से आलू की फसल सड़कर खराब हो जाएगी। वहीं सरसों के फूल गिरने से उसका उत्पादन भी प्रभावित होगा। बेहटागोकुल क्षेत्र के किसान रामकुमार, विजय व सरोज आदि ने बताया कि आलू व सरसों की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। माधौगंज व हरपालपुर में भी बारिश व ओलावृष्टि से सरसों व आलू की फसल को नुकसान हुआ है।
किसानों ने बताई पीड़ा
हरपालपुर के चतरखा गांव निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि उनके खेत में खड़ी सरसों व आलू की फसल पानी की मार से बर्बाद हो गई है। बारिश से जहां सरसों की फसल पलट गई है। वहीं खेत में पानी भरने से आलू की फसल भी सड़ने की आशंका है।
हरपालपुर के ग्राम ऊंचा गांव निवासी भानु प्रताप ने बताया कि उन्होंने आलू की फसल की थी। बारिश से खेतों में पानी भर गया है। पानी भरने से फसल का सड़ना तय है। ऐसी स्थिति खासा नुकसान झेलना पड़ेगा।
माधौगंज के शहब्दा गांव निवासी किसान रामकिशोर ने बताया कि सरसों की खड़ी फसल अधिक बारिश होने व तेज हवा चलने के कारण पलट गई है। इससे फसल को 30 से 40 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
शहब्दा गांव निवासी किसान ठाकुर प्रसाद ने बताया कि सरसों की फसल में फूल आ चुके थे। बारिश के कारण फूल गिर गए हैं। इससे पैदावार प्रभावित होगी। साथ ही फसल में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है।
बारिश से बढ़ी गलन
हरदोई। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण सर्दी बढ़ गई है। शनिवार देर शाम और रात को हुई झमाझम बारिश से गलन बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिकों ने सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री रिकार्ड किया गया। उन्होंने बताया कि शनिवार से लेकर रविवार तक करीब 19 मिलीमीटर बारिश हुई है। (संवाद)
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