डायट में कार्यशाला के दौरान छात्र छात्राओं को जागरूक करतीं कठपुतली व मंचासीन प्राचार्य व अन्य। ?
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हरदोई। अब गांव-गांव कठपुतली के जरिये लोगों को कोरोना व अन्य बीमारियों के प्रति सचेत किया जाएगा। डायट में शुक्रवार से शुरू हुई पांच दिवसीय कार्यशाला में डायट प्राचार्य रावेंद्र सिंह बघेल ने यह जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि कोरोना पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए जागरूक रहना जरूरी है।
वरिष्ठ प्रवक्ता उमेश चंद्रा ने कहा कि कठपुतली कला संचार का सशक्त माध्यम है। पांच दिन की यह कार्यशाला भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद व इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में चल रही है। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थी जनपद के 30 गांवों में जाकर कोरोना के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रतिभागियों को विशेषज्ञों ने स्क्रिप्ट लेखन व कठपुतली निर्माण के तरीके बताए। नई दिल्ली से आए विज्ञान संचारक तारिक बदर ने प्रभावशाली और रोचक स्क्रिप्ट लेखन के संबंध में जानकारी दी। डॉ. अनूप चतुर्वेदी ने स्क्रिप्ट को स्थानीय भाषा में लिखने के लिए प्रेरित किया गया। इश्तियाक अली और राजकुमार त्रिवेदी ने रद्दी पेपर से कठपुतली निर्माण के बारे में बताया।