हरदोई। रेलवे ने आरक्षण के नियमाें में बहुत बड़ा व महत्वपूर्ण बदलाव किया है। ट्रेन में एडवांस बुकिंग के समय सीमा 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिए जाने के फैसले से यात्री काफी खुश हैं।
यात्रियों ने फैसले को सराहते हुए इस नियम के लागू होने के बाद टिकट कैंसल होने के मामले कम होने और तत्काल टिकट को लेकर होेने वाली मारामारी में भी कमी आने की बात कही है।
अभी तक ट्रेनों में आरक्षण पाने के लिए यात्रा की तारीख से 120 दिन पहले उसी दिन आरक्षण करना पड़ता था, जिस दिन उस ट्रेन के आरक्षण की विंडो खुलती थी। इस वजह से 120 दिन पहले से ट्रेनों में सीटें फुल हो जाती थीं। ऐसे में यदि किसी को अचानक यात्रा करनी पड़ती है तो तत्काल में ही रिजर्वेशन लेना पड़ता है, जबकि 120 दिन का एडवांस रिजर्वेशन पीरियड बहुत लंबा हो जाता था।
मंडल रेलवे वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता के मुताबिक इतनी लंबी अवधि में कराए गए करीब 21 फीसदी टिकट निरस्त कर दिए जाते हैं और चार से पांच फीसदी लोग यात्रा ही नहीं करते हैं। कई मामलों में टिकट कैंसल ही नहीं होते हैं, जिससे धोखाधड़ी की संभावना बनी रहती है और तत्काल के लिए मारामारी होती है। अधिकतर टिकटों की बुकिंग यात्रा के 45 दिनों के अंदर होती है। इन्हीं को लेकर रेलवे ने एडवांस बुकिंग की समय सीमा कम की है। यात्रियों को भी यह नियम काफी रास आया है।
-रेलवेगंज निवासी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे की एडवांस बुकिंग की समय सीमा कम करके रेलवे ने बहुत अच्छा किया है। 120 दिन पहले टिकट कराने से अगर यात्रा का विचार बदल जाता है तो टिकट कैंसल कराने में काफी रुपये भी खर्च हो जाते हैं, लेकिन अब समय कम होने से राहत मिलेगी।
-सिविल लाइंस निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि वह कई बार यात्रा करने का विचार बना चुके हैं, लेकिन ट्रेन में टिकट ही नहीं मिलती है, लेकिन अब समय कम होने से उम्मीद है कि ट्रेनों में टिकट आसानी से मिल जाएगी। क्योंकि अगर कहीं जाना भी होता है तो 120 दिन पहले से कोई प्लान नहीं बनाता है।
-सदर बाजार के व्यापारी जय कुमार ने बताया कि वह व्यापार के सिलसिले में मथुरा, दिल्ली हर दूसरे तीसरे माह जाते रहते हैं। ऐसे में ट्रेन के टिकट के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अब 60 दिन पहले से टिकट के नियम की वजह से आसानी से टिकट मिल सकेगा।
- आशा नगर निवासी हिमांशु यादव सरकारी कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि वह लोग छुट्टियों में ही कहीं आ जा पाते हैं, ऐसे में चार माह पहले ट्रेन का टिकट बुक कराने में परेशानी होती थी, क्योंकि समय मैनेज करना काफी मुश्किल होता था। अब 60 दिन पहले के नियम से काफी राहत मिलेगी।