हरदोई। बदलते मौसम और कोरोना संक्रमण के दौर में लोग वैसे ही परेशान हैं, उस पर भी अस्पतालों में बीमार व्यवस्था ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। हाल यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्दी, जुकाम और बुखार के रोगी बढ़ रहे हैं लेकिन इसकी दवाएं नहीं हैं। दवा काउंटर से उन्हें लौटाया जा रहा है। मरीजों को मजबूरन बाहर से दवाएं लेनी पड़ रही हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन पर्याप्त मात्रा में दवाएं होने का दावा कर रहा है।
मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियां बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1000 के करीब मरीज परामर्श लेने आ रहे हैं। खांसी-जुकाम के औसतन 90 से 100 मरीज हैं। लेकिन आलम यह है कई दिन से अस्पताल में खांसी से संबंधित लीवोसिट्रिजिन सीरप, ब्रोफेक्सीन टेबलेट आदि दवाएं नहीं हैं। डॉक्टरों के लिखने पर दवा काउंटर पर मरीजों को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिला अस्पताल में बुखार तक के मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। यहां ओपीडी में आने वाले बुखार पीड़ितों को पैरासिटामॉल टेबलेट नहीं मिल पा रही है।
वर्जन
जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। जो दवाएं नहीं हैं, उनके स्थान पर दूसरी दवाएं उपलब्ध हैं। दवा काउंटरों पर मरीजों को दवाएं नहीं दी जा रही हैं। स्टोर इंचार्ज से दवाओं की उपलब्धता का डाटा मांगा गया है। जो जरूरी दवाएं नहीं हैं, उन्हें मंगवाने के निर्देश दिए हैं। - डॉ. वाणी गुप्ता मेडिकल कॉलेज प्राचार्य
मरीजों ने बताई समस्या
देहात कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी रमजा (65) ने बताया कि उसे खांसी-जुकाम व बुखार की शिकायत थी। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा लेने आईं थीं। डॉक्टर ने पर्चे पर दवा लिख दी, काउंटर पर उसे पैरासिटामॉल व दर्द की दवा नहीं दी गई। मजबूरन बाहर से दवा लेकर घर जाना पड़ा।
शहर के मंगलीपुरवा निवासी सावित्री (62) ने बताया कि उसे काफी दिन से खांसी आ रही है। वह ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने आईं। बताया कि डॉक्टर की लिखी दवाएं व खांसी का सीरप उन्हें नहीं मिले। बिना सीरप लिए घर जा रहीं हैं।
शहर में रिश्तेदार के घर पर रह रहे सीतापुर निवासी संदीप ने बताया कि उसे कई दिन से खांसी बुखार आ रहा है। वह जिला अस्पताल में दवा लेने आया है। दवा काउंटर पर उसे सीरप व बुखार की दवाएं नहीं दी गईं।