हरदोई। जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के सचिव ने कैनाल रोड स्थित कुंती नर्सिंग होम के प्रबंधक समेत दो लोगों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। बकाया किराये का भुगतान भी एक सप्ताह में कराने के निर्देश नोटिस में दिए गए हैं। एक सप्ताह में किराया अदा कर मकान खाली न किए जाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला सहकारी फेडरेशन के सचिव अपर जिला सहकारी अधिकारी राम समुझ वर्मा ने कैनाल रोड स्थित कुंती नर्सिंग होम के प्रबंधक और खगेश्वरपुरवा निवासी राजेश कुमार को सोमवार को नोटिस जारी किया है। नर्सिंग होम के प्रबंधक केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष डॉ. अरुण मौर्या हैं, जबकि राजेश कुमार पीलीभीत में सहकारिता विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। नोटिस के मुताबिक डीसीएफ का खगेश्वरपुरवा में मकान है। इस मकान को वर्ष 2006 में किराये पर कुंती नर्सिंग होम को दिया गया था। अब डीसीएफ इस मकान में अपना कार्यालय स्थापित करना चाह रही है।
29 जून 2018 को डीसीएफ की प्रबंध कमेटी ने भी प्रस्ताव पारित कर किरायेदारी को बेदखल कर दिया है और बकाया किराया जमा करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। नोटिस के मुताबिक मकान में कुंती नर्सिंग होम का कब्जा वर्ष 2006 से है। कब्जा हटाने के लिए पूर्व में भी नोटिस दिया जा चुका है। अब कहा गया है कि अगस्त 2021 तक का 93,500 रुपये किराये का भुगतान एक सप्ताह में जमा करते हुए मकान खाली कर दें। इसी तरह राजेश कुमार को 84,000 रुपये अवशेष किराये के जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुंती नर्सिंग होम के प्रबंधक और केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष डॉ. अरुण मौर्या ने इस बारे में कहा कि प्रकरण काफी दिनों से चल रहा है। डीसीएफ की कोई भूमि या मकान का किरायेदार होने या कब्जेदार होने से डॉ. अरुण मौर्या ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि कुछ दूसरे लोगों के पास मकान किराये पर है। पूर्व में भी एक नोटिस मिला था, जिसका जवाब दिया गया था। अभी नोटिस जारी होने की बात संज्ञान में नहीं है। नोटिस का जवाब दिया जाएगा।