बेहटागोकुल। सुंदरीकरण के नाम पर मनरेगा से तालाबों की खोदाई में पैसा पानी की तरह बहाया गया लेकिन ये सूखे पड़े हैं। इसके कारण किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। मवेशी भी प्यासे हैं।
ब्लॉक बावन के उधरनपुर, बरखेरा, बझेरा, मानपुर, अमखेरवा, बल्हेरा सहित कई गांवों में तालाब सूख गए हैं। मानपुर निवासी समाजसेवी सर्वेंद्र सिंह का कहना है कि मनरेगा से तालाबों की खोदाई में लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए, लेकिन इसका फायदा नहीं मिला। तालाबों की खोदाई में मानक का ध्यान नहीं रखा। गर्मी में सारे तालाब सूखे हैं।
मुकेश निवासी बवनापुर का कहना है कि इस समय तापमान 40 डिग्री के आसपास है। प्रधानों ने तालाबों के सुंदरीकरण के नाम पर पैसा निकाल लिया। ग्रामीण रोहित सिंह ने तालाबों में पानी भरवाने की मांग की है।
पहेलिया निवासी पुनीत सिंह भोलू का कहना है कि पहले तालाबों में पानी रहता था, लेकिन ग्राम पंचायत ने इनका स्वरूप बिगाड़ दिया। इससे बारिश का पूरा पानी तालाबों में नहीं जा पाता। मवेशियों को भी पानी नहीं मिल पाता है। बीडीओ श्याम नारायण राम ने बताया कि सूखे तालाबों के संबंध में उच्चाधिकारियों से बात करके कार्रवाई की जाएगी।