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ट्रेनों की संचालन व्यवस्था को बनाएं बेहतर

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रेलवे प्लेटफार्म का निरीक्षण करते डीआरएम अजय नंदन। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। डीआरएम मुरादाबाद अजय नंदन ने मंगलवार को काकोरी, संडीला, बालामऊ, हरदोई व आंझी स्टेशन का निरीक्षण कर ट्रेनों के संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। संचालन के साथ-साथ संरक्षा और सुरक्षा के लिए भी मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने माल यार्ड का निरीक्षण किया और स्टेशन परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था देखी।
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स्पेशल सैलून से काकोरी, संडीला व बालामऊ का निरीक्षण करने के बाद दोपहर लगभग डेढ़ बजे डीआरएम मुरादाबाद अजय नंदन हरदोई स्टेशन पहुंचे। डीआरएम ने स्टेशन अधीक्षक कक्ष और स्टेशन मास्टर रूम पहुंच कर वहां की व्यवस्थाएं देखीं। कहा कि ट्रेनों के संचालन व सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सभी कर्मचारी पूरे मनोयोग से काम करें। इस दौरान स्टेशन का पुराना गेट बंद किए जाने व स्टेशन पर कोच डिस्प्ले न लगाने की बात संज्ञान में आने पर कहा कि दोनों मामलों में जल्द ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। लगभग 30 मिनट तक स्टेशन पर रुकने के बाद डीआरएम आंझी स्टेशन के निरीक्षण के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर स्टेशन अधीक्षक राजीव आर्य, सीएमआई अम्बुज मिश्रा व सीएमआई मनीष वाजपेयी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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बंद यात्री ट्रेनों को फिर से चलाने का आश्वासन
कछौना। मुरादाबाद डीआरएम अजय नंदन ने मंगलवार को बालामऊ जंक्शन व स्टेशन का निरीक्षण किया। साफ सफाई दुरुस्त न मिलने पर डीआरएम ने नाराजगी जताई। कछौना के व्यापारियों ने स्टेशन पहुंच कर डीआरएम को ज्ञापन सौंपा और बंद चल रही ट्रेनों का संचालन शुरू कराने की मांग की। डीआरएम ने बंद चल रही ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया।
न चिकित्सकों की व्यवस्था, आवास भी हुए जर्जर
हरदोई। शाखा सचिव शैलेश तिवारी की अगुआई में नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को हरदोई स्टेशन पहुंचे और डीआरएम अजय आनंद से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया। पदाधिकारियों ने डीआरएम को ज्ञापन दिया। बताया कि हरदोई स्टेशन पर कोई रेलवे अस्पताल नहीं है, न ही चिकित्सक के बैठने की व्यवस्था है। कर्मचारियों व उनके परिजनों के इलाज के लिए पैनल के अस्पतालों में भी जनपद का कोई अस्पताल नहीं है। ऐसे में कोई समस्या होने पर कर्मियों को लखनऊ व बरेली जाना पड़ता है। करना व मसीत में जर्जर आवासों की दिक्कत भी बताई।
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