हरदोई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बिना खेत वालों को भी लाभान्वित किए जाने के मामले मेें उपजिलाधिकारी सदर ने जांच शुरू करा दी है। सदर तहसील के सभी लेखपालों को संबंधित गांवों के लाभार्थियों का सत्यापन करने को कहा गया है। आवश्यक अभिलेखों की कॉपी भी देेने के निर्देश दिए हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि में अपात्रों को भी लाभ देने का खुलासा अमर उजाला ने रविवार को किया था। पुलिस को भी फर्जीवाड़े से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग इलाकों में पंचायत राज विभाग के सफाईकर्मी, लेखपालों के सहयोगियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और जन सुविधा केंद्रों के संचालकों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। अब इस मामले में एसडीएम सदर राकेश कुमार ने तहसील क्षेत्र में पीएम सम्मान निधि से लाभान्वित किए गए लोगों की सूची लेखपालों को दी है। एसडीएम ने बताया कि लाभार्थी के कृषि योग्य भूमि से संबंधित अभिलेख भी जुटाने को लेखपालों को कहा गया है।
नाम में अंतर होने पर यूं करें संशोधन
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि में अगर किसी किसान के नाम और आधार में दर्ज नाम में अंतर है, तो इसे दूर कराया जा सकता है। भारत सरकार की वेबसाइट www.pmkisan.gov.in खोलने पर दायीं तरफ कोने में फार्मर कार्नर नजर आएगा। इसमें जाकर संशोधन कराया जा सकता है।