हरदाेई। तीखी और चिलचिलाती धूप आंखों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। बच्चों और बुजुर्गाें को तेज धूप के कारण आंखों में एलर्जी की समस्या आ रही है।
इतना ही नहीं ग्रामीण इलाकों में आंखों में इंफेक्शन की समस्या भी बढ़ी है। इसकी वजह गेहूं की कटाई के दौरान आंखों में पड़ जाने वाले धूल और फसल के कण हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के नेत्र चिकित्सा विभाग में इन दिनों मरीजों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक हो रही है। सामान्य दिनों में जहां नेत्र चिकित्सा विभाग में रोज औसतन 50-60 मरीज पहुंचते थे। वहीं, पिछले कुछ दिनों से यहां हर रोज औसतन 200 मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में भी बच्चे ज्यादा हैं। अधिकांश बच्चों को आंखाें में एलर्जी की समस्या हो रही है।
हालांकि, इसकी वजह भीषण गर्मी और तीखी धूप है। गर्मी में धूल उड़ने से भी आंखों में एलर्जी की समस्या हो रही है। एलर्जी होने से आंखें सूख जाती हैं और इनमें सूजन भी आ जाती है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में इन दिनों गेहूं की कटाई चल रही है। कटाई के दौरान फसल या इसके अवशेष के कण आंखों में पड़ जाने से इंफेक्शन भी हो रही है। इसके भी मरीज बड़ी संख्या में ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में नेत्र चिकित्सा विभाग में तैनात डा. स्तुति सिंह कहती हैं कि आमतौर पर आंख में दर्द होने पर लोग मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं। मेडिकल स्टोर वाले जल्दी राहत पहुंचाने के उद्देश्य से स्टेरॉयड आधारित आई ड्रॉप दे देते हैं, लेकिन इससे बचना चाहिए। समस्या होने पर कपड़े में बर्फ रखकर सिंकाई कर प्राथमिक उपचार किया जा सकता है। बिना चिकित्सक के कोई भी आई ड्रॉप या दवा लेने से हर किसी को बचना चाहिए।