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स्टोर में भरी दवाएं, अस्पताल के काउंटर से लौट रहे मरीज

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स्टोर में रखी दवाएं दिखातीं मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वाणी गुप्ता। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। वार्ड में भर्ती मरीजों से लेकर ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले रोगियों को भले ही काउंटर और वार्ड में दवाएं न मिल रही हों, लेकिन विभागीय स्टोर में दवाइयों की कोई कमी नहीं है। आलम यह है कि कई दवाएं तो इस्तेमाल में लाई ही नहीं गईं और इनकी एक्सपायरी डेट भी निकल गई। गुरुवार तड़के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की प्रचार्या डॉ. वाणी गुप्ता ने दवाइयों की कमी की चर्चाओं के बीच पुरुष चिकित्सालय और स्टोर का औचक निरीक्षण किया, तो पोल खुलती चली गई।
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जनपद में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) निर्माणाधीन है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वाणी गुप्ता के ही नियंत्रण में पुरुष चिकित्सालय भी आ गया है। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में पुरुष चिकित्सालय आ रहे मरीजों को दवाएं न मिलने और अस्पताल के अलग अलग वार्डों में दवाइयां उपलब्ध न होने की खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेकर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. वाणी गुप्ता गुरुवार सुबह लगभग पौने छह बजे पुरुष चिकित्सालय पहुंच गईं। यहां उन्होंने आकस्मिक चिकित्सा कक्ष का जायजा लिया और दवाइयों के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने कुछ दवाओं की अनुपलब्धता को लेकर सवाल किए और फिर गन्ना विभाग के नेत्र चिकित्सालय में बनाए गए दवाओं के भंडार कक्ष (स्टोर) पहुंच गईं। यहां उन्होंने फार्मासिस्ट को भी तलब कर लिया। डॉ. वाणी गुप्ता के मुताबिक भंडार कक्ष में सभी आवश्यक दवाएं मिलीं। टेबलेट, कैप्सूल, सीरप आदि लगभग पचास हजार संख्या में उपलब्ध मिले। कई घंटे तक यहां जांच के बाद मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या ने अस्पताल के दवा काउंटर तक दवाइयां न पहुंचाए जाने के बारे में भी जिम्मेदारों से जानकारी ली। बड़ी संख्या में दवाइयां और सीरप ऐसे भी थे, जो बिना इस्तेमाल किए ही एक्सपायर हो चुके थे।
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आदतें सुधार लें, इस तरह का कार्य मंजूर नहीं
मेडिकल कालेज की प्राचार्या डॉ. वाणी गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अमर उजाला से संक्षिप्त बातचीत में कहा है कि शासन की मंशा के विपरीत कार्य मंजूर नहीं है। चिकित्सकों से लेकर सफाई कर्मी तक को अपने दायित्वों का निर्वहन करना पड़ेगा। अब तक क्या हुआ, कैसे हुआ, इस पर कुछ न बोलते हुए उन्होंने लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों को आदतें सुधारने की नसीहत भी दे दी।
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