हरदोई। पहली पत्नी के बच्चों को साथ में रखने को लेकर दंपती के बीच विवाद हो गया। इससे क्षुब्ध पत्नी ने कमरे में दुपट्टा से फंदा लगाकर जान दे दी। पत्नी का शव फंदे पर लटकता देख पति ने गांव से कुछ दूरी पर निकली रेलवे लाइन पर ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान दे दी।
कोतवाली क्षेत्र के कोर्रिया निवासी मोहित सिंह (36) परिवहन निगम में संविदा पर चालक था। उसकी पहली पत्नी पूजा की करीब दो वर्ष पहले मौत हो गई। पहली पत्नी से एक चार वर्ष का बेटा शिवा और दो वर्ष की बेटी सृष्टि है।
लगभग एक वर्ष पहले मोहित ने लोनार थाने के महरेपुर निवासी विष्णु सिंह की बेटी अंजलि के साथ शादी की थी। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों को लेकर मोहित और अंजलि के बीच आए दिन कलह होती थी।
शनिवार देर रात जब मोहित ड्यूटी से लौटा तो अंजलि ने दोनों बच्चों के साथ रहने से मना कर दिया। इस बात पर दोनों में काफी कहासुनी हुई। इससे क्षुब्ध होकर अंजलि ने कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी।
पत्नी का शव लटका देख मोहित ने भी गांव से कुछ दूरी पर निकली रेलवे लाइन पर ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान दे दी। मोहित के घर से निकलने व अंजलि का शव फंदा पर लटका देख दोनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे।
इससे कुछ पड़ोसी घर में पहुंच गए और कुछ रेलवे लाइन की तरफ भागे। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने अंजलि के मायके वाले को सूचना दी। मौके पर आए मायके वालों ने पुलिस की मौजूदगी में काफी बवाल किया। रविवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।
मृतका के परिजन ने की मारपीट
ग्रामीणों का कहना है कि घटना की जानकारी पर मृतका अंजलि का भाई अरुण सिंह साथियों के साथ रात में ही आ गया। इसके बाद उसने पुलिस की मौजूदगी में पड़ोसियों से उनके घरों में घुसकर मारपीट की। घटना की सूचना पर पहुंचे मोहित के बहनोई उत्तम सिंह निवासी बसेलिया थाना पाली की काफी पिटाई कर दी।
एसपी व एएसपी मौके पर पहुंचे
अंजलि के मायके वालों के बवाल करने की सूचना पर मोहित सिंह के परिजन के साथ ही ग्रामीणों में भी तनाव फैल गया। सूचना पर एसपी राजेश द्विवेदी और एएसपी पूर्वी अनिल कुमार यादव मौके पर पहुंचे। एसपी ने मोहित के घर के आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि इस तरह कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सभी भाइयों के अलग-अलग बने हैं घर
मृतक मोहित सिंह के पिता विशेश्वर सिंह भी परिवहन निगम में तैनात थे। उनके तीन बेटे रामशंकर सिंह, राजेश सिंह और मोहित सिंह के अलावा तीन बेटियां मीरा, रचना और ममता हैं। यह सभी शादीशुदा हैं। गांव में विशेश्वर सिंह की अलग पहचान है। उन्होंने सभी बेटों के अलग-अलग मकान बनवा दिए थे।
फोर्स की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
मृतक मोहित सिंह के ससुराल वालों के बवाल को देखते हुए एसपी ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर फोर्स तैनात कर दी। देहात कोतवाल गंगेश शुक्ला ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है। अभी तक किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है।