हरदोई। गर्मी का मौसम कहर ढाने लगा है। गर्मी से राहत के लिए लोग बिजली के संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में विद्युत आपूर्ति के लिए लगे ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर सुलगने लगे हैं।
वहीं कई बार बार लाइन ट्रिप होने की समस्या भी हो रही है। सबसे ज्यादा बिजली का प्रयोग कामर्शियल स्थलों पर हो रहा है। कुछ कामर्शियल कनेक्शनों पर तो स्वीकृत भार से कई गुना ज्यादा लोड लिया जा रहा है। इनके सामने सिस्टम लाचार सा बना हुआ है।
जिले में विद्युत उपभोक्ताओं तक बिजली आपूर्ति करने के लिए 52 उपकेंद्र बने हैं। इनमें हरदोई शहर के दो उपकेंद्र पर भार को देखते हुए उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है।
इन उपकेंद्रों के माध्यम से 5,20 हजार बिजली कनेक्शन धारकों को बिजली दी जा रही है। इन कनेक्शनों में करीब 79 हजार नगरीय क्षेत्र के कनेक्शन है तो करीब 19 हजार कामर्शियल कनेक्शन है। कामर्शियल कनेक्शनों में 331 बड़े कनेक्शन है। शेष ग्रामीण उपभोक्ता हैं।
हरदोई शहर की डेढ़ लाख आबादी और उद्योगों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए 400 ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनमें 56 ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं। ये ट्रांसफार्मर कामर्शियल कनेक्शन वाले क्षेत्र में हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार दो माह पहले तक जिले में लोड करीब 275 एमबीए के आसपास था जो वर्तमान में 340 से 355 तक पहुंच रहा है। इस तरह से 30 फीसदी से ज्यादा लोड बढ़ चुका है।
इसके 50 प्रतिशत तक जाने की संभावना है। ऐसे में व्यवस्था का सुचारू रखना विभाग के लिए मुश्किलों से भरा हो जाएगा। फिलहाल बढ़ती गर्मी के चलते पिछले 20 दिनों में 12 ट्रांसफार्मर जल चुके है।
इनमें दो ट्रांसफार्मर तो पूरी तरह से बेकार हो गए, जबकि 10 पूरी तरह जलने से बच गए। बढ़ते लोड के कारण मशीनों का बार-बार हीट होकर ट्रिप करना भी बढ़ गया है। वहीं फाल्ट ठीक करने के लिए शट डाउन लेने के कारण भी आम लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन
ट्रांसफार्मरों की नियमित मानीटरिंग कराई जा रही है। जहां कहीं ट्रांसफार्मर ओवरलोड है, उनकी क्षमता बढ़ाने की कार्ययोजना बन चुकी है। घरेलू एवं कामर्शियल कनेक्शनों की जांच करने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं। बड़े कामर्शियल कनेक्शनों की जांच भी की जा रही है। - सुरेश चंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता विद्युत
फोटो- 08- ट्रांसफारमर में उठ रही लौ ।- फोटो : HARDOI
फोटो-09- अधीक्षण अभियंता - एससी यादव ।- फोटो : HARDOI