हरदोई। शहर के बीचोंबीच कई वर्षों से अवैध कब्जों एवं अतिक्रमण के बीच कूड़ा-करकट एवं गंदगी से पटे पड़े तालाब को पार्क के रूप में तैयार कर नगर पालिका ने शहर को पहला सेल्फी प्वाइंट दिया है।
करीब एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पार्क के तालाब परिसर में सेल्फी लेने के लिए तमाम लोग पहुंच रहे और सेल्फी ले रहे, मगर अभी इसके लोकार्पण न होने से फिलहाल यह आम जनता के लिए नहीं खोला गया। इसके चारों ओर बनाए गए चहलकदमी पथ के कार्य को पूरा किया जा रहा है। पीडब्लूडी डाक बंगले के निकट तिराहे पर बाबू श्रीशचंद्र अग्रवाल बरात घर के सामने स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क की भूमि से सटे हुए इस पुरातन तालाब में वर्षों से नगर पालिका के नालों का पानी गिरता रहा था।
बाद में नालों का रुख दूूसरी ओर होने से इसकी भूमि पर अवैध कब्जे एवं अतिक्रमण शुरू हो गए, जिससे यह तालाब सूखकर कूड़े का कुंड सा बन कर रह गया। जानकारों का कहना है कि इस ओर जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। इस बात की जानकारी जब जिले के तत्कालीन बड़े अफसरों को हुई तो उन्होंने इस ओर अभियान चलाकर शहर में कई पार्कों एवं स्थानों को विकसित कराया। इसी कड़ी में इस तालाब को साफ कराने के साथ ही इसे पार्क लुक देने की कोशिश की गई है।
रखरखाव एक बड़ी चुनौती
शहर में इस पार्क के अलावा कई पार्कों को इससे पूर्व में जिला प्रशासन के प्रयासों से बनाया गया। जहां कभी भुतहा माहौल हुआ करता था, वहां पर साज-सज्जा के साथ वातावरण को खुशनुमा बनाया गया। शहर के ग्रीन सिटी एवं जल संचयन अभियान को गति देते हुए मार्निंग एवं इवनिंग वाक के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई, मगर इन सभी स्थानों की देखभाल एवं रखरखाव एक बड़ी चुनौती है। इससे पहले डीएम आवास के सामने बनाए गए उद्यान, श्रवण देवी मंदिर परिसर, बेलाताली सरकुलर रोड, कलक्ट्रेट परिसर स्थित वाटिका, गांधी भवन परिसर में बनाई गई औषधीय वाटिका आदि शहर के प्रमुख स्थानों पर रखरखाव को लेकर बेपरवाही नजर आई है।
तालाब का सुंदरीकरण कार्य आदि पूर्ण हो चुका हैै। तालाब के चारों ओर वाक रूट बनाया गया है। तालाब के पानी को साफ स्वच्छ रखने को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया। आस पास हरे भरे पौधे लगाने के साथ ही सेल्फी प्वांइट भी बनाया गया है। एक करोड़ से बनाया गया पार्क बेहतरीन लुक दे रहा है। इसके लोकार्पण के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम से दिशा निर्देश मांगे गए हैं। जल्द ही इसका लोकार्पण हो जाएगा।
- रवीशंकर शुक्ला, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका