हरदोई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस में अनाज योजना के तहत दिए जाने वाले अनाज में अब पोषक तत्वों से भरपूर चावल देने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए गरीबों के चावल में विटामिन का तड़का लगाने की योजना शुरू की है, जिसके तहत सरकारी क्रय केंद्रों से खरीदे जाने वाले धान की कुटाई के साथ राइस मिलर्स को चावल में पोषक तत्व मिक्स करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस तरह से अब राइस मिलेें धान की कुटाई करने के बाद चावल में पोस्टीफाइड करने के बाद सरकार को आपूर्ति करेंगी। केंद्र सरकार से उन्हें इसके लिए कुटाई शुल्क के साथ प्रति क्विंटल के हिसाब से पोस्टीफाइड फीस का भुगतान किया जाएगा। विभागीय अफसरों के मुताबिक, पोस्टीफाइड के लिए राइस मिलर्स द्वारा प्लांट लगाए जा रहे हैं। अब मिलें चावल को पोस्टीफाइड करने के बाद ही आपूर्ति करेंगी। इस वर्ष जिले के लिए शासन की ओर से 23 लाख 96 हजार मैट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष करीब साढ़े बाइस लाख एमटी धान की खरीद हुई है।
लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत हुई धान खरीद के लिए शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य सामान्य धान के लिए 1940 रुपये और ए ग्रेड के धान के लिए 1960 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 4,300 करोड़ रुपये का धान खरीदा गया। कई क्रय एजेंसियों के सेंटरों से खरीदे गये धान को कुटाई के लिए अनुबंध करने वाली राइस मिलों को कुटाई के लिए भेजा जाता है। जहां से राइस मिलें धान की कुटाई करने के बाद मानक अनुसार रिकवरी रेट 67 प्रतिशत के हिसाब से चावल की आपूर्ति केंद्र सरकार के भंडारों को करती हैं। इन भंडार गृहों से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए योजना का अनाज डिलीवरी सिस्टम को उपलब्ध कराया जाता है।
पांच लाख क्विंटल चावल होगा पोस्टीफाइड
जिले में इस साल हुई सरकारी खरीद के धान की कुटाई के बाद करीब 15 लाख क्विंटल चावल की रिकवरी का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 70 फीसदी चावल की कुटाई हो चुकी है। इसमेें अधिकांश चावल की आपूर्ति भंडारगृहों तक हो चुकी है। केंद्र सरकार की पोस्टीफाइड योजना में हरदोई के चयन एवं राइस मिलों द्वारा अनुबंध के बाद अब शेष धान से रिकवर होनेे वाले चावल करीब पांच लाख क्विंटल के पोस्टीफाइड करने के बाद ही आपूर्ति किया जाएगा। इसके लिए राइस मिलों ने मिक्सर प्लांट कम पोस्टीफाइड प्लांट लगाने शुरू कर दिए हैं। कुछ मिलों में यह प्लांट लग भी गए हैं। 30 अप्रैल तक शत प्रतिशत मानक अनुसार रिकवर चावल की आपूर्ति भंडार गृहों तक सुनिश्चित की जानी है।
अलग से भंडारित कराया जाएगा चावल
केंद्र सरकार के गोदामों में लाखों क्विंटल अनाज का भंडारण रहता है। जिले में चार प्रमुख भंडारण गृह हैं। अभी तय नहीं हो पाया कि पोस्टीफाइड चावल का भंडारण किस गोदाम में कराया जाएगा या फिर सभी गोदामों में ही अलग से किसी कक्ष में इसका भंडारण कराया जाएगा। सरकार द्वारा हर महीने हजारों क्विंटल अनाज का वितरण अनाज योजना एवं अन्य योजनाओं के तहत गरीबों के बीच किया जाता है। गोदामों में अनाज की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए सरकारें समर्थन मूल्य पर हर साल प्रमुख रूप से धान एवं गेहूं की खरीद कराती हैं।
देश भर में पहुंच सकता पेस्टीफाइड चावल
राइस मिलर्स से सरकारी धान की कुटाई कार्य कराने वाले विभाग विपणन विभाग के अफसरों का कहना है कि चावल को पोषक तत्वों से भरपूर करने के लिए केंद्र सरकार ने पेस्टीफाइड योजना शुरू की है। इसके लिए प्रति क्विंटल करीब 75 रुपये का भुगतान मिलर्स को किया जाएगा, जबकि धान की कुटाई के लिए 10 से 12 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान मिलों को होता है। इसके अलावा अच्छी रिकवरी रेट समय से आपूर्ति आदि में अच्छा कार्य करने पर सरकार प्रोत्साहन राशि भी प्रदान करती है। कई वर्ष पूर्व तक हरदोई के चावल की आपूर्ति रेल मार्ग से रैकों से देश भर के कई स्थानों के गोदामों के लिए होती थी। इसमें बिहार, पश्चिम बंगाल आदि प्रमुख हैं। इस बार पोस्टीफाइड चावल की आपूर्ति गैर प्रदेशों तक हो सकती है।
बोले राइस मिलर्स के प्रदेश अध्यक्ष
पेस्टीफाइड चावल में धान की कुटाई के बाद निकलने वाले चावल को साफ कर पेस्टीफाइड प्लांट में मिक्स किया जाता है। इस प्लांट में निर्धारित मात्रा के अनुसार पोषक तत्वों से चावल को स्टीम किया जाता है, जिससे चावल की गुणवत्ता अच्छी होने के साथ और अधिक पोषक तत्वों का समावेश हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में काफी खर्च आता है। निश्चित रूप से इस योजना का लाभ सरकारी क्षेत्र के अनाज वितरण को मिलेगा। इसके अलावा राइस मिलर्स निजी क्षेत्र को आपूर्ति करने वाले चावल को भी और अधिक गुणवत्ता युक्त बनाकर बाजार में नई डिमांड कर सकेगी। इससे धान की खेती की खेती को बढ़ावा मिलेगा और धान के बाजार में निजी क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- राकेश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष, राइस मिलर्स एसोसिएशन
केंद्र सरकार की चावल को और अधिक पोषण तत्वों युक्त बनाने के लिए पेस्टीफाइड योजना के लिए सरकारी धान की कुटाई कर चावल की आपूर्ति करने वाले 47 राइस मिलों ने पेस्टीफाइड कम मिक्सर प्लांट लगाने एवं चावल पेस्टीफाइड कर आपूर्ति करने का अनुबंध किया है। इस पर काम शुरू हो गया है। इस साल करीब पांच लाख क्विंटल पेस्टीफाइड चावल आपूर्ति होने का अनुमान है। आपूर्ति के लिए 30 अप्रैल तक का समय मिलों को दिया गया है।
- अनुराग पांडेय, डिप्टी आरएमओ, नोडल एजेंसी, धान खरीद