हरदोई। भरखनी विकास खंड की ग्राम पंचायत आमतारा में मनरेगा के तहत कराए गए कार्य पर एस्टीमेट से अधिक के भुगतान का मामला तूूल पकड़ गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेकर मनरेगा उपायुक्त से पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। इसी क्रम में मनरेगा उपायुक्त ने भी भरखनी के बीडीओ को नोटिस जारी कर 16 अगस्त को पूरी पत्रावली के साथ तलब किया है।
भरखनी विकास खंड की ग्राम पंचायत आमतारा में शंभूरतन के खेत से पूरब पुलिया तक भूमि विकास का कार्य मनेरगा से कराया गया है। आठ सौ मीटर लंबाई में हुए कार्य के लिए दो लाख दो हजार 126 रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था। इसके सापेक्ष तीन लाख चालीस हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। तकरीबन एक लाख 38 हजार रुपये से अधिक का भुगतान गलत ढंग से हुआ है।
अमर उजाला ने इस संबंध में 12 अगस्त के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार को संज्ञान में लेकर मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल से जानकारी ली। साथ ही उन्हें पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद हरकत में आए मनरेगा उपायुक्त ने भरखनी के खंड विकास अधिकारी प्रमेंद्र पांडेय को नोटिस जारी कर उक्त कार्य की पूरी पत्रावली तलब की है। 16 अगस्त को उक्त कार्य की मूल पत्रावली और विस्तृत आख्या सुबह 11 बजे तक ही उपलब्ध कराने के निर्देश मनरेगा उपायुक्त ने बीडीओ को दिए हैं। मनरेगा उपायुक्त ने बताया कि जल्द ही पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।