मुख्यमंत्री से बात करतीं सोनाली, साथ में रेखा और मौजूद डीएम अविनाश कुमार। संवाद
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हरदोई। प्रदेश के दस जनपदों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के द्वितीय चरण की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए जनपद की दो लाभार्थियों से बातचीत की। दोनों महिलाओं ने बताया कि गैस सिलिंडर न होने से अब तक उन्हें चूल्हे पर खाना बनाना पड़ता था। चूल्हे के लिए लकड़ियां लेने जंगल जाना होता था।
विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में कार्यक्रम के मद्देनजर 22 लाभार्थियों को बुलाया गया था। इनमें से ही दो महिलाओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संवाद करना था। ग्राम अनंगबेहटा निवासी सोनाली राठौर से अभिवादन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूछा कि कैसा लग रहा है, तो सोनाली ने कहा कि अच्छा लग रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अब तक खाना कैसे बनातीं थीं। इस पर सोनाली ने जवाब दिया कि चूल्हे में लकड़ी जलाकर खाना बनाती थी। जंगल से लकड़ी लानी पड़ती थी। इस पर मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि कितने की लकड़ी एक माह में लग जाती थी, के जवाब में सोनाली कुछ स्पष्ट नहीं बता पाईं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लकड़ी बरसात के समय गीली होने से जलाने में भी दिक्कत होती रही होगी और धुआं भी परेशान करता रहा होगा। इस पर सोनाली ने हां में जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने सोनाली से यह भी पूछा कि परिवार में कितने लोग हैं, तो जवाब मिला चार। यही सवाल उन्होंने विकास नगर निवासी रेखा से भी किए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ ईंधन का इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता।
मुख्यमंत्री ने दोनों महिलाओं को योजना के तहत लाभान्वित किए जाने की बधाई दी। कहा कि उत्तर प्रदेश में बीस लाख लोगों को दूसरे चरण में लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती और शाहाबाद विधायक रजनी तिवारी ने गीता नाम की लाभार्थी को प्रतीकात्मक गैस सिलिंडर दिया, जबकि सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने सोनाली और रेखा को प्रतीकात्मक गैस सिलिंडर दिया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अविनाश कुमार, अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडेय भी मौजूद रहे।
... अब परिवार के लिए भी मिलेगा पर्याप्त समय
सोनाली और रेखा से बात करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लकड़ी जलाकर चूल्हा तैयार करने और खाना बनाने में काफी समय लगता था। अब गैस सिलिंडर मिल रहा है, तो समय की भी बचत होगी। परिवार के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा और अन्य घरेलू कार्य भी करने में सहूलियत होगी।