बेरियाघाट जाने वाले मार्ग की मरम्मत के काम में लगी जेसीबी। संवाद
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मल्लावां। कार्तिक पूर्णिमा पर बेरियाघाट पर आयोजित होने वालेे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन गंभीर है। घाट तक जाने वाली सड़क की मरम्मत शुरू करा दी गई है। मार्ग पर पेयजल के लिए 50 हैंडपंप भी लगवाए गए हैं।
बेरियाघाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। भक्त गंगा स्नान के साथ ही मेले में भी शामिल होते हैं। एक साल पहले ही यहां आयोजित होने वाले मेले को सरकार द्वारा राजकीय दर्जा भी दिया जा चुका है। इस बार 19 नवंबर को मेला लगेगा। प्रशासन ने कुतुवापुर गांव के पास से मेला स्थल तक जाने वाली सड़क पर बालू भरकर गड्ढों व जलभराव को खत्म करने का काम शुरू करा दिया है। मेला का समय नजदीक आते ही श्रद्धालु ट्रैक्टर ट्राली व निजी वाहनों से घाट पर पहुंचकर राउटी लगाने लगे हैं।
एसडीएम बिलग्राम राहुल कश्यप विश्वकर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए मेले में अस्थायी पुलिस चौकी व मेडिकल टीम के कैंप की व्यवस्था भी रहेगी। पेयजल के लिए 50 हैंडपंप लगवाए गए हैं। 50 अस्थायी व तीन मोबाइल शौचालय की व्यवस्था कराई गई है। 50 क्विंटल लकड़ी के साथ ही प्रकाश व्यवस्था के लिए दो जनरेटर लगवाए जाएंगे। घाट पर गोताखोर भी तैनात किए जाएंगे।
एसडीएम की देखरेख में काम
बिलग्राम। बिलग्राम तहसील के राजघाट और मल्लावां क्षेत्र के बेरिया घाट पर 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान व मेले का आयोजन किया जाना है। लगभग 15 दिन पूर्व आई बाढ़ के कारण घाट को जाने वाले रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ ही कई जगह बिजली के पोल टूटे पड़े हैं। दो दिन पहले डीएम अविनाश कुमार ने घाट व मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे।
डीएम के निर्देश पर व्यवस्था सुधारने का काम तेज कर दिया गया है। एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा, तहसीलदार राजीव यादव सीओ विशाल यादव अधिकारी अपनी देखरेख में व्यवस्था दुरुस्त करा रहे हैं। इन दिनों घाट पर जाने वाले रास्ते के साथ ही मेला क्षेत्र को कई जेसीबी लगाकर समतल कराने का कार्य चल रहा है। वहीं मेला क्षेत्र तक जाने वाले मार्ग के किनारे की झाड़ियां भी साफ कराई जा रही हैं। (संवाद)