साहब, बाबू जी ने कहा- डीएम से शिकायत की है, तो अब बकाया रुपये (देयक) भी डीएम से ही लो जाकर। डीएम ही तुम्हें अब रुपये दिलवाएं। गुरुवार को दर्पण की बैठक में कर्मचारियों के लंबित देयकों की सुनवाई कर रहे डीएम अविनाश कुमार नगर पालिका के सेवानिवृत्त सफाई कर्मी जगदीश के इस बयान से सकते में आ गए।
इस पर डीएम ने नगर पालिका के लिपिक को जमकर फटकार लगाई, तो लिपिक भी चुपचाप निकल गया। डीएम ने सेवानिवृत्त सफाईकर्मी से कहा कि रुपया आपका है और मेरे आदेश पर मिलेगा जरूर। सभी सरकारी कर्मचारियों के देयकों समेत अन्य विभागीय वित्तीय समस्याओं का निस्तारण दर्पण की बैठक में किया जाता है।
गुरुवार को विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में दर्पण की बैठक हुई। इसमें मामलों की सुनवाई के दौरान नगर पालिका के सेवानिवृत्त सफाई कर्मी जगदीश का भुगतान लंबित होने का मामला आया। डीएम अविनाश कुमार ने जगदीश से जानकारी ली। जगदीश ने बताया कि वह 30 जून 2020 को सेवानिवृत्त हुआ था।
अर्जित अवकाश के साढ़े चार लाख रुपये का भुगतान उसे नगर पालिका से लेना था। हीलाहवाली होने पर मामला दर्पण में रखा। साढ़े तीन लाख रुपये का भुगतान हो गया, लेकिन नगर पालिका के लिपिक एक लाख रुपये का भुगतान नहीं कर रहे। डीएम ने जगदीश से इसकी वजह पूछी, तो उसने बताया कि साहब। बाबू जी ने कहा डीएम से शिकायत की है, तो अब बकाया रुपये (देयक) भी डीएम से ही लो जाकर। डीएम ही तुम्हें अब रुपये दिलवाएंगे।
जगदीश का जवाब सुनकर डीएम का पारा चढ़ गया। बैठक में मौजूद लिपिक को जमकर फटकार लगाई और बैठक में संबंधित लिपिक को ही भेजने के निर्देश दिए। दरअसल, लिपिक ने यह कहकर खुद को बचाया कि मामला उसके पटल से संबंधित नहीं है, बल्कि लेखाकार के स्तर का है। पूरे मामले का पता चलने पर कुछ देर बाद अधिशासी अधिकारी रवि शंकर शुक्ल वहां पहुंचे और डीएम को भरोसा दिलाया कि जल्द ही जगदीश के देयकों का भुगतान कर दिया जाएगा। बैठक में एडीएम वंदना त्रिवेदी, वरिष्ठ कोषाधिकारी कंचन भारती आदि मौजूद रहीं।
जब डीएम बोले, तुम भी सेवानिवृत्त होगे एक दिन
डीएम अविनाश कुमार ने जगदीश का प्रकरण सामने आने पर नगर पालिका के लिपिक को फटकारा। डीएम ने यह भी कहा कि यह भी ध्यान रखना कि एक दिन तुम्हें भी सेवानिवृत्त होना है। जब सेवानिवृत्त के बाद कोई ऐसा व्यवहार करेगा, तो डीएम ही न्याय दिलाएगा।