हरदोई। बैंकों की हड़ताल स्थगित करने के उद्देश्य से केंद्रीय श्रमायुक्त की मौजूदगी में यूनियन नेताओं और बैंक प्रबंधन व डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेस के बीच हुई वार्ता विफल हो गई।
अब इसके कारण 24 और 25 मार्च को बैंकों में हड़ताल रहेगी। इससे पहले 22 मार्च को माह का चौथा शनिवार होने के कारण बैंक में अवकाश रहेगा, जबकि 23 मार्च को रविवार का अवकाश है। मतलब यह कि 22 से 25 मार्च तक बैंकों में काम काज नहीं हो सकेगा। वित्तीय वर्ष का अंतिम माह और अंतिम पखवाड़ा होने के कारण बैंकों की बंदी से कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के स्थानीय संयोजक राकेश पांडेय ने बताया कि वार्ता में यूनियंस की मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन नई भर्ती, पांच दिवसीय बैंकिंग और एकतरफा पीएलआई पर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। उन्होंने बताया कि हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी संगठन तैयार हैं।
बताया कि हड़ताल के समर्थन में 21 मार्च की शाम प्रदर्शन किया जाएगा। उनका दावा है कि हड़ताल के चलते भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड सिंध बैंक के अलावा ग्रामीण व कोऑपरेटिव बैंकों में भी काम प्रभावित रहेगा।