हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चालू वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण के लिए बजट जारी करने की धीमी गति पर सीडीओ ने नाराजगी जताई है। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक (पीडी) को चेतावनी देते हुए शत-प्रतिशत आवास स्वीकृत कराने और बजट अवमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चयनित पात्रों को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। तीन किस्तों में दी जाने वाली सहायता की पहली किस्त 70 हजार रुपये, दूसरी 40 हजार और तीसरी व अंतिम किस्त 10 हजार रुपये की होती है।
चालू वित्तीय वर्ष में जनपद में 4230 आवासों का आवंटन किया गया है। इसके सापेक्ष जनपद में अभी तक 139 पात्रों को स्वीकृति ही नहीं दी गई है। 3795 लाभार्थियों को ही प्रथम किस्त जारी की गई है, जबकि दूसरी किस्त 1916 लाभार्थियों को ही मिली है। बीते शनिवार को सीडीओ आकांक्षा राना ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत करने, प्रथम और द्वितीय किस्त जारी किए जाने की समीक्षा की। इस दौरान जो स्थिति सामने आई उस पर सीडीओ आकांक्षा राना ने नाराजगी जताई।
परियोजना निदेशक गजेंद्र कुमार त्रिपाठी को भेजे पत्र में सीडीओ ने प्रथम किस्त के सापेक्ष द्वितीय किस्त जारी किए जाने की स्थिति पर असंतोष जताया। साथ ही स्वीकृत आवासों के सापेक्ष शत-प्रतिशत को प्रथम किस्त न जारी करने पर भी नाराजगी जताई है। परियोजना निदेशक को चेतावनी देते हुए स्थिति में सुधार लाने को कहा है। साथ ही द्वितीय किस्त जारी करने में हीलाहवाली करने वाले खंड विकास अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश सीडीओ ने परियोजना निदेशक को दिए हैं।