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इंदौर पुलिस ने बिराइचमऊ में खंगाले अभिलेख

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बयान दर्ज करते इंदौर से आए उपनिरीक्षक सुखलाल भंवर और योगेश गरासिया। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। मध्यप्रदेश के इंदौर में बीती 22 अगस्त को गोविंदनगर में चूड़ी बेचने के दौरान हरदोई के सांडी के ग्राम बिराइचमऊ निवासी युवक के साथ हुई मारपीट के मामले में जांच तेज हो गई है। इंदौर के थाना बांणगंगा में तैनात दो उपनिरीक्षकों की टीम ने बिराइचमऊ पहुंचकर पीड़ित के परिजनों के अलावा ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए। कुछ अभिलेख भी लेकर पुलिस टीम वापस इंदौर चली गई।
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सांडी थाना क्षेत्र के ग्राम बिराइचमऊ निवासी तसलीम इंदौर में चूड़ी बेचने का काम करता है। इंदौर में ही उसके साथ मारपीट हो गई थी। पूरा मामला देश में सुर्खियों में आ गया था। इंदौर पुलिस ने उसके पास दो आधार कार्ड होने का दावा किया था। इसी क्रम में तसलीम की हकीकत जानने के लिए इंदौर जनपद के वांणगंगा थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुखलाल भंवर और उपनिरीक्षक योगेश गरासिया मंगलवार देर रात तसलीम के बिराइचमऊ स्थित मकान पर पहुंचे। उसके परिजनों से पूछताछ करने के बाद इंदौर की पुलिस टीम ने गांव के 20 लोगों के बयान भी लिए। आधार कार्ड की भी सत्यता परखी और इसके बाद यह टीम इंदौर लौट गई। उधर, दूसरी ओर तसलीम के परिजन असमंजस में हैं। तसलीम के परिजन बताते हैं कि पिछले दस वर्ष से तसलीम चूड़ी बेचने का काम करता है। इससे पहले वह मवेशियों की बिक्री का कार्य करता था। एक माह पहले वह घर आया था। पिता मोहर अली कहते हैं कि एक दो माह में चूड़ी बेचकर जो आमदनी होती है उसे लेकर तसलीम घर वापस आ जाता है। उनके मुताबिक इंदौर पुलिस तसलीम की बैंक पासबुक, आधार कार्ड आदि यहां से ले गई है। तसलीम के परिवार में पत्नी नीता और पांच बच्चे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना का मिला है लाभ
गांव से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में तसलीम को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभान्वित किया गया है। गांव में उसका आवास बना हुआ है।
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