हरदोई। संडीला कोतवाली क्षेत्र में नौ वर्ष पहले हुए नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट) संजीव कुमार सिंह ने गुरुवार को दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये जुर्माना भी किया। न्यायालय ने जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश किया है।
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी उदयराज शुक्ला ने बताया कि संडीला कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति ने आठ अक्तूबर 2012 को तत्कालीन सीओ संडीला को प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री एक अगस्त 2012 की देर शाम शौच के लिए गांव के बाहर गई थी। इसके बाद घर नहीं लौटी। तहरीर देने पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। सीओ के आदेश पर पुलिस ने आठ अक्तूबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कर लिया। इसके बाद आठ फरवरी को 2013 को संडीला चौराहा से आरोपी प्रमोद निवासी गांव मुरारनगर कोतवाली संडीला और किशोरी को पकड़ लिया। किशोरी ने न्यायालय में दिए बयान में कहा कि प्रमोद उसे जान से मारने की धमकी देकर अपने साथ ले गया था। किशोरी ने प्रमोद पर दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया। मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट) संजीव कुमार सिंह ने प्रमोद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।