हरदोई। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत निशक्तों के लिए शुलभ शौचालय और स्कूलों की फर्श पर टाइल्स लगवाने के कार्यों में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। समीक्षा में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने छह बीडीओ को चेतावनी जारी कर स्थिति में सुधार कराने की नसीहत दी है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों में विभिन्न सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें गांवों में निशक्तों के लिए शुलभ शौचालय, विद्यालयों की कक्षा कक्ष में टाइल्स, आंगनबाड़ी केंद्रों में दीवार लेखन आदि कार्य शामिल हैं। उक्त कार्यों की निगरानी बीडीओ को सौंपी गई है।
सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए थे कि प्रत्येक ग्राम सचिव अपने क्षेत्र में कम से कम एक सुलभ शौचालय और एक फर्श पर टाइल्स लगवाने का कार्य प्रत्येक माह जरूर पूरा कर लें। डीडीओ अजय प्रताप सिंह के मुताबिक इसे लेकर बीडीओ ने लापरवाही की है। कुछ ब्लॉकों में स्थिति बेहद खराब है। समीक्षा के बाद टड़ियावां की बीडीओ ऊषा देवी, शाहाबाद के बीडीओ डॉ. धर्मेंद्र कुमार वर्मा, हरपालपुर के बीडीओ डॉ. संतोष कुमार, बिलग्राम के बीडीओ मनवीर सिंह, बेंहदर के बीडीओ उमेश अग्रवाल और अहिरोरी के बीडीओ पंकज कुमार यादव को चेतावनी जारी कर सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा में पता चला कि टड़ियावां ब्लॉक में 13 सचिवों की तैनाती होने के बाद भी फर्श पर टाइल्स का कार्य नहीं कराया गया। शाहाबाद में बीस ग्राम सचिव हैं, लेकिन चार शौचालय बनवाए गए और सिर्फ तीन जगह टाइल्स का काम किया गया। हरपालपुर ब्लॉक में 12 ग्राम सचिव तैनात हैं। यहां दो शौचालयों का निर्माण हुआ और एक जगह टाइल्स लगवाए गए। बिलग्राम में 17 ग्राम सचिव तैनात हैं, लेकिन टाइल्स और शौचालय का कार्य एक एक जगह ही हुआ। बेंहदर में 14 ग्राम सचिव हैं, लेकिन एक भी शौचालय नहीं बन पाया। एक जगह टाइल्स का कार्य हुआ है। अहिरोरी में 16 सचिव तैनात हैं, यहां दो शौचालय ही बन पाए। चार में ही टाइल्स का कार्य हो पाया।