फर्रुखाबाद जनपद को हरदोई को जोड़ने वाली रामगंगा नदी
पर अर्जुन पुल के निर्माण को लेकर एक बार फिर से स्वयंसेवी संगठनों द्वारा
आवाज बुलंद की जाने लगी है। गुरुवार को भी पतंजलि योग समिति के बैनर तले
कई संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी
को सौंपकर पुल निर्माण करवाए जाने की मांग की।
इस दौरान संगठनों ने
नारेबाजी भी की। इस बाबत पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी हरिवंश सिंह
ने ज्ञापन से पूर्व कहा कि हरदोई-फर्रुखाबाद को सीधे जोड़ने वाली रामगंगा
नदी के अर्जुन पुल घाट पर पुल न होने से जिले के लोगों को रोजमर्रा आवागमन
और खेती किसानी में एवं छात्रों के पढ़ाई में काफी कठिनाई होती है और लोगों
को 70-80 किलोमीटर के फेर से इधर उधर आना जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि
पुल निर्माण न होने से महिलाआें, छात्राओं, किसानों और क्षेत्र की जनता में
रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि हरपालपुर ब्लाक को दो खंडों में बांटने
वाली रामगंगा नदी में अर्जुनपुर घाट पर पुल निर्माण हो तो हजारों लोगों को
प्रतिदिन आने जाने में सुविधा होगी।
इसके बाद जिलाधिकारी रमेश मिश्र को
ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें समाजसेवियों द्वारा बताया गया कि वर्ष 1975 में
कार्तिक पूर्णिमा को इसी घाट पर करीब 90 लोगों से भरी नाव डूब गई थी। इसके
बाद मात्र पैंटून पुल का निर्माण हुआ था, जो अब जर्जर हो चुका है। इसके बाद
भी अब तक प्रशासनिक तौर पर कोई सार्थक कदम नहीं उठाए जा पा रहे हैं।
धर्मेंद्र सिंह सोमवंशी ने बताया कि 23 जनवरी 12 को मौनी अमावस्या पर
पैंटूल पुल से ट्रैक्टर-ट्राली गिरने से एक-मां बेटे की मौत हो गई थी और
शेष को नदी से बचाया जा सका था। दिए गए ज्ञापन ने सभी ने पुल निर्माण
करवाने की मांग की है। इस मौके पर भारत स्वाभिमान न्यास जिलाध्यक्ष कमल
किशोर वर्मा, दिनेश पाल पाठक, नानक चंद मौर्य, विनोद द्विवेदी और महेंद्र
नाथ गुप्ता आदि मौजूद थे।