हरदोई। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना से चुने गए गांवों में बाल विकास विभाग से आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के तहत चयनित गांवों में से 18 में नवीन भवनों के निर्माण का प्रस्ताव विभाग को मिल गया है। प्रस्ताव पर अनुमति मिलने के बाद केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा।
शासन के निर्देश पर समग्र ग्रामाें में योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किए जाने के निर्देश हैं, जिसके क्रम में बाल विकास विभाग से भी आंगनबाड़ी केंद्र विहीन समग्र ग्रामों में केंद्रों का निर्माण होता है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 39 समग्र ग्रामों का चयन हो चुका है। जिसमें से अभी तक 18 समग्र ग्राम ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिनमें आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बना है। ऐसे ही गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों के नवीन भवन का निर्माण करवाकर विभागीय सेवाओं से जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जाएगा। चयनित समग्र गांवों के सर्वे में नौ विकास खंडों के 18 समग्र ग्राम में आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे।
इनमें भरावन विकास खंड का समग्र ग्राम कुकुरा, खसरौला, शाहाबाद के समग्र ग्राम गोपालपुर, अतर्जी शिशाला, ऐगंवा व अब्दुल नगर, ब्लाक हरियावां का खरेली, सुरसा ब्लाक का सरैंया, तुंदवल, नेवादा और उमरापुर, बिलग्राम विकास खंड का दिवारी, पिहानी ब्लाक का ररी, दहेलिया, टड़ियावां ब्लाक का सिकंदरपुर, ब्लाक संडीला का कल्लीखेड़ा और अहिरोरी का भीठादान व मंगोलापुर में आंगनबाड़ी का भवन बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव जिलाधिकारी से अनुमोदित होकर बाल विकास निदेशालय जाएगा, जहां से भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद धनराशि आने पर निर्माण कराया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा कि प्रस्ताव तैयार हो गया है उच्चाधिकारी से अनुमति के बाद स्वीकृति को निदेशालय भेजा जाएगा।
7.52 लाख से बनेगा एक भवन
हरदोई। आंगनबाड़ी केंद्र के नए भवन के निर्माण को अब धनराशि बढ़ा दी गई। आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर अभी तक 5.38 लाख रुपये व्यय हो रहे थे। जिसको लेकर निर्माण कराने के लिए कार्यदायी संस्थाएं भी आगे नहीं आ रहीं थी। बड़ी ही मुश्किलों के बाद जैसे तैसे निर्माण कराया गया। बीते वित्तीय वर्ष के भवनों में कुछ का निर्माण खंड विकास अधिकारी तो कुछ का ग्राम पंचायत स्तर से ग्राम सचिवों ने कराया। लेकिन अब धनराशि बढ़ा दी गई। केंद्र के नवीन भवन के निर्माण पर अब 7.52 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। 5.38 लाख रुपये विभाग से दिए जाएंगे जबकि शेष राशि मनरेगा से व्यय की जाएगी।