हरदोई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र पाए गए जनपद के किसानों में से दो लाख 98 हजार किसानों के राजस्व अभिलेखों और आधार कार्ड में दर्ज नामों में अंतर पाया गया है। अब पात्र किसानों को सम्मान निधि की अगली किस्त नाम में एकरूपता होने के बाद ही मिलेगी। नाम में समानता लाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान भी शुरू कर दिया है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत चयनित पात्रों को हर चार माह पर दो-दो हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाती है। एक वर्ष में तीन समान किस्तों में छह हजार रुपये किसान के बैंक खाते में भेजे जाने के निर्देेश हैं। कृषि विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जनपद में किसान सम्मान निधि के लिए 6,41,478 किसान पात्र पाए गए हैं। इनमें से 2,98,000 किसान ऐसे हैं, जिनके राजस्व अभिलेखों और आधार कार्ड में दर्ज नाम में अंतर है। नाम में अंतर होने के कारण फिलहाल इन किसानों को सम्मान निधि की तीसरी किस्त नहीं मिल पाएगी। ऐसे में आधार कार्ड और राजस्व रिकार्ड में दर्ज नामों में समानता लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी तहसील मुख्यालयों पर नामों में एकरूपता लाने की कवायद चल रही है। उप निदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्र बताते हैं कि 30 नवंबर तक जो भी किसान अपने आधार और राजस्व अभिलेखों में दर्ज नामों का अंतर खत्म कराने की कार्यवाही पूरी कर लेंगे। उन सभी को 15 दिसंबर से पहले सम्मान निधि की अगली किस्त बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त हो जाएगी।
उपनिदेशक कृषि डा. आशुतोष मिश्र के मुताबिक, नाम में संशोधन सभी तहसील मुख्यालयों के अलावा बिलग्राम चुंगी पर स्थित उप निदेशक कृषि कार्यालय में कराया जा सकता है। इसके अलावा विकास भवन स्थित जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में भी नाम संशोधित कराया जा सकता है।