हरदोई। सर्वोदय आश्रम/हरिजन सेवक संघ की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है, इस दृष्टिकोण से महिलाओं को राष्ट्रीय सोच रखते हुए समाज के निर्माण में भागीदारी करनी चाहिए।
वह रविवार को राष्ट्रीय कौमी एकता सप्ताह के अंतर्गत प्रेक्षागृह में आयोजित महिला संरक्षण दिवस पर महिलाओं को संबोधित कर रहीं थी। कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति को पहचानकर कमजोर वर्ग के लोगों का मार्गदर्शन करें। कहा कि वह लोग सौभाग्यशाली हैं, जो शिक्षित और सेवारत हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि इस अवसर से उन लोगोें को लाभान्वित करें जिनके प्रति उनकी जिम्मेदारी है। फिर समाज के उन लोगों की सेवा और मार्गदर्शन करें जिन्हें सहयोग की जरूरत है। उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जो बालिका स्कूल नहीं जाती हैं, वह बंधुआ मजदूर की श्रेणी में आती है। उन्होंने बच्चों को कुपोषण से बचाने और कुपोषित बच्चों का सही मार्गदर्शन करने पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष मीरा सिंह ने महिलाओं के अधिकार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पीड़ित महिलाओं को उनके अधिकारों से रूबरू कराने को ही एसोसिएशन कार्य करती है। महिला संस्थान की अध्यक्ष अंजली सिंह ने समाज में महिलाओं की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। रेडक्रास वालंटियर लीडर आलोकिता श्रीवास्तव ने कहा कि बालिकाओं को चंदा जैसा खूबसूरत व सूरज जैसा प्रकाशमान बनने की जरूरत है, ताकि उनके कोई गलत नजर मिलाने की हिम्मत तक न जुटा पाए। उन्होंने युवतियों को गुणवान, ज्ञानवान तथा वीर बहादुर बनने को प्रेरित किया। इस मौके पर कवियित्री स्वर्ण रेखा ने महिलाओं के सम्मान में काव्य पाठ किया।
मंच का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता आलोक श्रीवास्तव ने करते हुए महिलाओं के कानूनी अधिकार, स्वच्छता अभियान पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ज्योति, खुशबू, मोंटी सिंह, सौरभ कुमार, शहनबाज खां समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्री मौजूद रहीं।