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प्लांट लगाए गए पांच,ऑपरेटर एक भी नहीं

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जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए करोड़ों खर्च कर जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगा दिए गए, लेकिन प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई। एक दिन का प्रशिक्षण देकर दो मल्टीटास्क वर्करों के हाथ प्लांटों के संचालन की कमान थमा दी गई। वहीं रात्रि में किसी कर्मचारी की ड्यूटी न होने से प्लांट में ताला लगा रहता है। ऐसे में अगर कोरोना ने जोर पकड़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
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जिला अस्पताल में 500 एलपीएम क्षमता का एक, 167 एलपीएम क्षमता के दो, 45 एलपीएम क्षमता का एक ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। आलम यह है कि अस्पताल में एक 45 एलपीएम का पुराना मिलाकर पांच ऑक्सीजन प्लांट हो गए, लेकिन इन प्लांटों को चलाने के लिए एक भी प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। हालांकि वैकल्पिक तौर पर आउटसोर्सिंग के दो मल्टी टास्क वर्करों को एक दिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर प्लांटों के संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी है।
रात में बंद हो जाते ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना संभावित तीसरी लहर के बीच आमिक्रान वैरिएंट की दस्तक से जिला अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांटों पर दो मल्टीटॉस्क वर्करों की तैनाती की गई है। सुबह आठ बजे से दो बजे व दो बजे रात्रि 10 बजे तक दो शिफ्टों में दोनों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। रात में किसी कर्मचारी की तैनाती न होने से ऑक्सीजन प्लांट बंद हो जाते हैं। ऐसे में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर या तो सिलिंडरों का सहारा लिया जाता है या मरीजों रेफर किया जाता है।
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प्लांट में ड्यूटी, कर रहे मरहम पट्टी
जिला अस्पताल में लगे पांच ऑक्सीजन प्लांटों के संचालन की जिम्मेदारी दो मल्टी टास्क वर्कर रेहान आलम, अभिषेक कुमार को दी गई है। प्लांटों पर ड्य़ूटी न कर रेहान को इमरजेंसी कक्ष और अभिषेक को पीकू वार्ड में मरीजों की देखभाल करनी पड़ रही है। दोहरी ड्यूटी से कर्मचारी परेशान हैं।
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सारे प्लांट चल रहे हैं। प्लांटों का चलाने के लिए जिला अस्पताल में प्रशिक्षित कर्मचारी हैं।- डॉ. वाणी गुप्ता , प्राचार्या, मेडिकल कालेज
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