हरदोई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में भीड़ जुटाने के लिए जिले से भी परिवहन निगम की 48 बसें भेजी गई थीं। इन बसों में सुल्तानपुर और आसपास के जिलों के लोग सवार होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे। तीन दिन बाद बुधवार को सभी बसें वापस आ गईं। बसों का लगभग 35 लाख रुपया किराया बना है, जिसका भुगतान यूपीडा करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। इस दौरान आयोजित जनसभा के लिए अधिक से अधिक भीड़ जुट सके, इसके लिए लोगों को लाने ले जाने के लिए लिए प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों का प्रबंध किया गया था।
अन्य जिलों के साथ ही हरदोई परिक्षेत्र से भी 175 बसें मंगाई गई थीं। इनमें डिपो की 48 बसें भी थीं। बसों के वापस आने के बाद उन्हें उनके संबंधित रूट पर लगा दिया गया है। एआरएम रामसागर पांडेय ने बताया कि बसें बुधवार को लौट आई हैं। अब बिलिंग समेत अन्य कार्यवाही कर फाइल शासन को भेज दी जाएगी।
आरएम मनोज कुमार त्रिवेदी ने बताया कि परिक्षेत्र से 175 बसें कार्यक्रम में भेजी गई थीं। इसमें से 48 बसें हरदोई डिपो, 46 बसें सीतापुर डिपो, 27 बसें गोला डिपो, 36 बसें शाहजहांपुर व 18 कन्नौज डिपो की बसें शामिल हैं। बसें 14, 15 व 16 नवंबर के लिए भेजी गई थीं।
अधिकारियों के मुताबिक बसें तीन दिन के लिए भेजी गई थीं। एक बस पर औसतन 24 हजार रुपये का दैनिक किराया बनता है, इसी हिसाब से बिलिंग कराई जानी है। जिसके चलते परिक्षेत्र को लगभग 1 करोड़ 26 लाख 11 हजार रुपये का किराया मिलना है।
डिपो के बेड़े में कुल 136 बसें हैं। इनमें 115-120 बसों का रूटों पर संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की सभा के लिए हरदोई परिक्षेत्र से 175 व हरदोई डिपो से 48 बसें भेजी गई थीं। अधिकारियों का दावा है कि इस दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। जरूरत पर शाहजहांपुर समेत नजदीकी डिपो से बसें मंगाकर उनका संचालन किया गया है। इससे इतर बुधवार को बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ नजर आई। यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए।