शाहाबाद। तीन दिन से लापता चल रहे धर्मापुर निवासी दोनों छात्रों को सोमवार शाम कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी ने तलाश लिया। पूछताछ में दोनों बच्चों ने बताया कि वह घर से मैच देखने ट्रेन से हरदोई जा रहे थे, लेकिन गलत ट्रेन पर बैठने के कारण कानपुर पहुंच गए। दोनों को परिजनों को सौंप दिया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धर्मापुर निवासी मंजेश (11) पुत्र राकेश व गांव का ही अंकित (14) पुत्र देवराज पड़ोस के ग्राम शर्मा स्थित विद्यालय में पढ़ते हैं। शनिवार को दोनों बच्चे घर से स्कूल जाने के लिए निकले, लेकिन इसके बाद उनका पता नहीं चल सका। मंजेश के पिता राकेश ने सोमवार को कोतवाली पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ दोनों बच्चों के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। कोतवाल की ओर से इसकी जानकारी मिलने के बाद नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो ने यह जानकारी आसपास के जनपदों व रेलवे के ग्रुप में शेयर कर दी थी। सोमवार शाम कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर गश्त के दौरान जीआरपी के जवानों ने दोनों छात्रों को लावारिस देखा तो उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ की। जीआरपी से बच्चों की सकुशल बरामदगी की सूचना मिलने के बाद मंजेश व अंकित के परिजन थाने के एसएसआई नेपाल सिंह के साथ देर रात कानपुर पहुंच गए। जहां जीआरपी ने बच्चों को एसआई व परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मंजेश व अंकित ने बताया कि वह दोनों हरदोई में मैच देखने जाना चाहते थे। जिसके लिए घर में झूठ बोलकर उन्होंने दो सौ रुपये भी लिए थे। बताया कि शनिवार को स्कूल जाने के बजाय वह दोनों आंझी स्टेशन से एक ट्रेन में सवार हो गए। लखनऊ पहुंचने पर वह स्टेशन पर घूमने लगे। गलत ट्रेन में बैठने पर वह दोनों कानपुर पहुंच गए। परिजनों ने बच्चों के सकुशल बरामद होने पर खुशी जताई व पुलिसकर्मियों का आभार जताया।