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हरदोई: नहरों से 40 फीसदी किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई का लाभ

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हरदोई। जिले के करीब 40 फीसदी किसानों को नहरों से मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि विभागीय आंकड़ों में एक लाख 24 हजार किसानों को लाभ देने का दावा है। कई माइनर की सफाई न होने से उनमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आईं हैं। ऐसे में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके कारण किसानों की फसलें सूख रही हैं।
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हरदोई खंड शारदा नहर के अंतर्गत करीब 85 माइनर, रजबहा व नाले निकले हैं। इनकी दूरी करीब 751 किलोमीटर है। इनसे सदर तहसील, बिलग्राम और शाहाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों के किसानों को मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ दिए जाने की बात विभाग कह रहा है लेकिन पिहानी, गोपामऊ क्षेत्र के दो रजबहों ने ही इसकी हकीकत बता दी। सालों से सफाई न होने से रजबहों से पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा। बड़ा हिस्सा जंगल में तब्दील हो गया है। ऐसी ही स्थिति अन्य ब्लॉकों में भी माइनर व नालों की है। इसके कारण मुफ्त सिंचाई योजना से किसान दूर हैं।
नहीं हुई सफाई तो माइनर खेत में मिलाई
पिहानी ब्लॉक में जाजूपारा क्षेत्र से गुजरी शारदा नहर से महमूदपुर गांव के पास माइनर निकली है। इससे महमूदपुर, हाजीपुर, सलेमपुर, मनिकापुर, जाजूपारा और लोहारखेड़ा गांव के किसान फसल की सिंचाई करते थे। कई साल से लोहारखेड़ा गांव के आगे माइनर की सफाई नहीं कराई गई। इसके कारण किसानों ने माइनर खेत में मिला ली। भोगियापुर, सरौरा व जमुहारा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल रहा है।
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चुनाव पूर्व आया पानी, खत्म होते ही नहर सूखी
भरखनी ब्लॉक के पाली क्षेत्र में शारदा नहर खंड शाहजहांपुर से निकला बरवन रजबहा क्षेत्र के निजामपुर पुलिया से होकर गुजरा है। ये काफी समय से सूखा पड़ा है। क्षेत्र के 15 हजार हेक्टेयर खेत इसी रजबहे के भरोसे हैं। 40 वर्ष बाद इसमें विधानसभा चुनाव से पहले पानी आया था। चुनाव खत्म होते ही फिर से नहर सूख गई, जिसकी सुध लेने वाला अब कोई नहीं है।
पांच किलोमीटर माइनर हो गई विलुप्त
टड़ियावां ब्लॉक में शारदा नहर से अछुआपुर गांव के पास से माइनर निकली है। ये गोपामऊ क्षेत्र में पेंग से होकर हरिहरपुर होकर सीतापुर जिले की सीमा में दधनामऊ स्थित गोमती नदी तक जाती है। इस माइनर से करीब 100 गांवों के हजारों किसानों की खेती की सिंचाई होती थी। लेकिन विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण हरिहरपुर के आगे करीब पांच किलोमीटर माइनर की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है। इसके कारण माइनर का हिस्सा किसानों ने जोतकर खेत में मिला लिया।
बजट मिलने पर प्राथमिकता वाले माइनर और नालों की सफाई कराई जाती है। इस पर बार जिन माइनर व नालों की सफाई नहीं हो सकी थी, उनकी बजट मिलते ही सफाई कराकर टेल तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। - अखिलेश कुमार गौतम, अधीक्षण अभियंता, शारदा नहर
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