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सर, हरदोई या लखनऊ में ही सिक्योरिटी गार्ड बनवा दो...

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हरदोई। सेवायोजन कार्यालय में बुधवार को आयोजित रोजगार मेले में 183 लोगों को नौकरी का तोहफा मिला। जबकि 117 लोगों को निराशा हाथ लगी। एक स्टॉल पर नौकरी की तलाश में पहुंचे अभ्यर्थी ने यहां तक कह दिया कि सर हरदोई या लखनऊ में ही सिक्योरिटी गार्ड बनवा दो।
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रोजगार मेले में शिवशक्ति बायोटेक, मेक आर निक इंडिया, ब्लैक हाउंड सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधियों ने कंपनी व पदों के बारे में अभ्यर्थियों को विस्तार से बताया।
इसके बाद प्रश्न पूछकर अभ्यर्थियों की प्रतिभा परखी। सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की पात्रता पूरी होते देख प्रतिनिधि ने एक आवेदक को बाहर कहीं गार्ड की नौकरी पर भेजने के लिए कहा। निराश बेरोजगार ने यहां या लखनऊ में कहीं गार्ड की नौकरी दिलाने के लिए मिन्नतें कर डालीं।
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जिला सेवायोजन अधिकारी मीता गुप्ता ने बताया कि रोजगार मेले में करीब 300 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने 183 अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग लेटर प्रदान किए गए। उन्होंने बताया कि 117 युवा जो इस बार चयनित नहीं हो पाए हैं, वह निराश न हों। 22 दिसंबर को फिर रोजगार मेले का आयोजन होगा।
नौकरी बड़ी या छोटी नहीं होती
लखनऊ से आए ब्लैक हाउंट सिक्योरिटी सर्विसेज के सीनियर एक्जिक्यूटिव मो. मोवीन ने बताया कि उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश व पंजाब में काम कर रही है। जहां के युवा सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने के इच्छुक रहते हैं, वहां रोजगार मेले में वह जाते हैं। उनका युवाओं से यही कहना है कि नौकरी बड़ी या छोटी नहीं होती, मेहनत ऊंचाई पर ले जाती है।
इन्होंने आजमाया भाग्य
रोजगार मेले में शामिल होने आए उज्ज्वल कश्यप ने कहा कि अच्छी बात है कि मेले में खुशियां बांटने का प्रयास है। पर इंटर, बीए या बीएससी करने के बाद अभ्यर्थियों की चाहत कुछ और बढ़ जाती है। निजी कंपनियों में कम मानदेय पर जाना युवाओं को हताश करता है।
भयंकर प्रताप सिंह का कहना है कि उन्होंने कुछ रोजगार मेले देखे हैं। अधिकांश में कंपनियां या तो सेल्स के बंदे मांग लेती हैं या फिर मैकेनिक। इसके अलावा सिक्योरिटी गार्ड। तकनीकी डिप्लोमा मांगने के बाद भी कई बार कंपनियां नौकरी नहीं दे पाती हैं।
गजराज सिंह का कहना है कि वह तैयारी कर रहे हैं। साक्षात्कार भी दे रहे हैं। रोजगार मेले में किस्मत आजमाने चले आए। अच्छा महसूस हुआ पर अभ्यर्थियों के दृष्टिकोण से और बेहतर करने की जरूरत है।
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रोजगार मेले में शामिल होने आए राहुल का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं जिन्हें वास्तव में नौकरी की जरूरत है, उन्हें रोजगार मेला खुशियां दे सकता है।
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