गूली चौराहे पर शराब के ठेके में तोडफ़ोड़ और आगजनी के मामले में दर्ज की गई रिपोर्ट को लेकर पुलिस ने सोमवार तड़के कई घरों में दबिश दी। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया। इससे आक्रोशित महिलाएं दिन निकलते ही डीएम आवास पहुंच गईं और घेराव किया।
कलक्ट्रेट पर भी हंगामा हुआ। जिसके दबाव में पुलिस ने चारों लोगों को छोड़ दिया। महिलाएं रिपोर्ट वापस लेने और शराब की दुकान हटाने की मांग कर रही थीं। अधिकारियों ने जैसे-तैसे उन्हें समझाकर शांत किया।
ज्ञात हो कि रविवार को गूली चौराहे पर शराब की दुकान में महिलाओं ने तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी थी। जिससे लाखों रुपये की शराब जलकर गई थी। सेल्समैन ने 34 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी।
सोमवार तड़के पुलिस ने दबिश देकर चार लोगों को हिरासत में लिया था। विरोध में दिन निकलते ही मोहल्ले की महिलाएं डीएम आवास पर पहुंची और हंगामा किया। एडीएम रजनीश राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर शांत किया, लेकिन उसके बाद महिलाएं कलक्ट्रेट पहुंच गईं।
यहां भी रिपोर्ट वापस लेने और दुकान हटवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। एसडीएम अजय श्रीवास्तव, सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर और जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को समझाकर शांत किया।
डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट एडीएम को सौंपी है। नियम अनुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा।
मोहल्ला कोठीगेट के लोगों ने यहां स्थित शराब के ठेके को नियमविरुद्ध बताकर इसे हटाने की मांग की है। ठेका न हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। डीएम से की गई शिकायत में लोगों ने बताया कि ठेके से 50 मीटर दूर अतरपुरा चौपला पर महावीर पाठशाला है।
कुछ दूरी पर ही हाईवे और मां पथवारी का मंदिर है। नियमानुसार इस ठेके को हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा शराबी हुड़दंग मचाते हैं। जिसके कारण राहगीरों को परेशानी होती है।
लोगों का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूरन उन्हें प्रदर्शन करना पड़ेगा। शिकायत करने वालों में विक्की शर्मा, लक्ष्मी नारायण, विकास, सुरेश कुमार, राम किशोर, विशाल, कपिल, पुनित, राजेश शर्मा, राजेंद्र प्रसाद, ऋषिराज शामिल रहे।