प्रदेश में मुख्यमंत्री ने पशुओं का अवैध कटान बंद करा दिया है। एक न्यूज चैनल ने जिले के दो मीट कारोबारियों को प्रतिबंधित पशुओं के मीट सप्लाई की करते हुए स्टिंग किया है। यह समाचार प्रसारित होते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
डीएम ने मामले की जांच एडीएम को सौंपी है। अब आरोपी कारोबारियों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापे मार रही है। रविवार को एक न्यूज चैनल ने हापुड़ के रामपुर रोड निवासी दो मीट कारोबारियों का स्टिंग प्रसारित किया था।
जिसमें दोनों को फोन पर किसी अन्य पार्टियों से कंटेनरों में देश ही नहीं विदेश में भी प्रतिबंधित पशुओं के मीट की सप्लाई का दावा करते दिखाया गया है।
स्टिंग में कहा जा रहा है कि कैसे 30 प्रतिशत भैंस के मीट में वे 70 प्रतिशत प्रतिबंधित पशु का मांस मिला देश और विदेश में सप्लाई करते हैं।
समाचार प्रसारित होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम अनिल ढींगरा ने मामले की जांच एडीएम रजनीश राय को सौंपी है।
जिसके बाद एसडीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, सीओ शैलेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापे मार रहे हैं।
हालांकि अभी तक दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। इस संबंध मे डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद ही मामले की सत्यता के बारे में कुछ कहा जा सकता है।