गांव छपकौली निवासी इमरान (32) गांव में ही नाई का काम करता था। मंगलवार शाम को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पत्नी ने बताया था कि अचानक इमरान के सीने में तेज दर्द हुआ था और इसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि मृतक के मुंह और नाक से खून निकल रहा था। सूचना पर बाबूगढ़ थाना प्रभारी विजय कुमार गुप्ता और फारेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची थी और साक्ष्य एकत्र किए। मृतक के शरीर पर बाहरी चोटों के निशान नहीं हैं। परिजनों व ग्रामीणों ने मृतक की हत्या होने की आशंका पुलिस से जताई थी। जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम गवाह चश्मदीद मृतक का पांच साल का मासूम पुत्र बिहान रहा। पहले वह पुलिस से डरा हुआ था। लेकिन प्यार से पूछताछ की तो उसने सब कुछ बता दिया। उसने पुलिस को बताया कि अब्बू घर से बाहर थे और उसकी अम्मी और समीर चाचा कमरे में मौजूद थे। इसी दौरान अब्बू अचानक आ गए और अम्मी और चाचा समीर ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। चाचा समीर ने अब्बू की छाती में मुक्के मारे और मुंह दबा दिया। इसके बाद अब्बू नहीं बोले। पड़ोसी होने के नाते बिहान समीर को चाचा कहता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टूटी मिली पसली
सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इमरान की पसली टूटी हुई मिली। नाक और मुंह से खून निकलना देखते हुए जहर देने की भी आशंका है। इसके लिए मृतक का बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पत्नी रुखसार और पड़ोसी समीर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा। -वरुण कुमार मिश्रा, सीओ।
चार साल से दोनों के बीच चल रहा था प्रेम प्रसंग
थाना प्रभारी ने बताया कि इमरान का निकाह मेरठ की रहने वाली रुखसार के साथ हुआ था। निकाह के बाद दोनों के तीन बच्चे हुए। आरोपी समीर का इमरान के घर आना जाना था। इसी दौरान उसके करीब चार साल पहले रुखसार से अवैध संबंध हो गए और दोनों छिप छिपकर मिलते रहे। हालांकि इन दोनों के संबंधों की जानकारी गांव वालों के साथ इमरान को भी हो गई थी। इमरान इसका विरोध करता था, जिसके कारण आए दिन दोनों का विवाद भी होता था।