आचार संहिता का पालन कराने में जुटी प्रशासनिक मशीनरी डाल-डाल है तो नेताजी उनसे भी दो कदम आगे हैं। नेताजी बिना अनुमति गुपचुप तरीके से देहात क्षेत्र में सभाएं व जनसंपर्क कर रहे हैं और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।
घर-घर पहुंचे नेता जी वोटरों को अपना कार्ड देकर विजयी बनाने की अपील भी कर रहे हैं। चुनावी दंगल में किस्मत अजमाने वाले प्रत्याशियों पर इस समय चुनाव आयोग का डंडा तेजी से चल रहा है।
आयोग की सख्ती के बाद प्रशासनिक अमला आचार संहिता का पालन कराने की हर संभव कोशिश कर रहा है। प्रत्याशियों पर आयोग की तरफ से तमाम प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन इन सबको दरकिनार करते हुए प्रत्याशी प्रचार के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
अफसरों की नजरों से बचकर नेजा जी जमकर प्रचार में जुटे हुए हैं। आलम यह है कि प्रत्याशी बिना झंडे लगी गाड़ी में पहले गांव में पहुंच जाते है और धीरे-धीरे करके उनके समर्थक भी जुट जाते हैं।
इसके बाद प्रत्याशी समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में जुट जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में सभाएं तो हो ही रही हैं, मौका मिलते ही नेताजी वोटरों को गिफ्ट और प्रचार सामग्री भी थमा रहे हैं। इसके अलावा गली मुहल्लों में भी सभाएं हो रही हैं।