शहर की एक फर्म से दो महीने पहले भरे गए सरसों के तेल व रिफाइंड के सैंपल स्टेट लैब टेस्ट में सेहत के लिए खतरनाक मिले हैं। इनमें मिलावट करने के साथ ही जहरीले रसायन मिलाए जा रहे थे। इनके प्रयोग से लोगों की मौत तक हो सकती है।
विभाग ने संबंधित फर्म को नोटिस जारी करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी कर ली है। अब आरोपी के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। फूड सेफ्टी विभाग की डीओ अर्चना धीरान ने बताया कि दो माह पहले हापुड़ के मंडी पाटिया स्थित फर्म से आदर्श सरसों का तेल और आदर्श रिफाइंड के सैंपल भरे गए थे।
नमूनों को जांच के लिए स्टेट लैब भेजा गया था। शुक्रवार को इसकी रिपोर्ट आ गयी। स्टेट लैब की रिपोर्ट में दोनों खाद्य तेलों के सैंपल फेल पाए गए हैं। अनसेफ श्रेणी के ये तेल सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। इनमें घातक रसायनों की मिलावट मिली है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। फर्म मालिक इन खाद्य तेलों में दूसरे अखाद्य आयल की मिलावट कर रहा था। उसको असली जैसा दिखाने के लिए घातक श्रेणी के वाटर कलर (रसायन) मिलाए जा रहे थे।
अब फर्म मालिक के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में अभियोग दर्ज कराया जाएगा। अनसेफ श्रेणी में फर्म मालिक को आजीवन कारावास या पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
विशेषज्ञ चिकित्सक डा. अविनाश शर्मा के अनुसार वाटर कलर शरीर के लिए जहर हैं। ये किडनी, लीवर, हृदय और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे हार्ट अटैक, कैसर, किडनी फेल्योर, ब्रेन स्ट्रोक और पैरालाइज हो सकता है।
इस मिलावट की नियमित तौर पर पहचान कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में जागरूक रहने की जरूरत है। किसी खाद्य पदार्थ के रंग-स्वाद में जरा सा बदलाव महसूस होने पर अपने क्षेत्र के एफएसओ या एसडीएम से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं। सामान खरीदते समय हर बार पक्का बिल जरूर लें।