असाइमेंट फाइल में देरी होने पर फाइन जमा करने से इंकार किया तो पिलखुवा क्षेत्र के एक मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अपने तीन छात्राओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया। पीड़ित छात्राओं ने प्रशासनिक अफसरों से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
हालांकि कॉलेज प्रबंधन ऐसे किसी मामले से साफ इंकार किया है। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि वह उक्त मेडिकल कॉलेज से जनरल नर्सिंग प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। फीस के रूप में लाखों रुपये जमा कर चुकी हैं। उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ भी अब तक तक नहीं मिल सका है।
जबकि वह अनुसूचित जाति से हैं। छात्राओं का आरोप है कि किसी वजह से वह असाइमेंट की फाइल समय पर जमा नहीं कर सकी थी। इसके एवज में कॉलेज प्रबंधन ने पांच हजार रुपये का फाइन लगा दिया।
छात्राओं ने फाइन देने का विरोध कर सोमवार को डीएम से मामले की शिकायत की तो गुस्साए कालेज प्रशासन ने तीनों छात्राओं को कालेज से निकाल दिया। मंगलवार को पीड़ित छात्राएं जिला मुख्यालय पहुंचकर अफसरों से कार्रवाई की मांग की है।
मेडिकल कालेज के महाप्रबंधक का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। किसी छात्रा से फाइन शुल्क नहीं मांगा जाता है। इस संबंध में छात्राएं उनसे शिकायत कर सकती हैं।