सिंभावली। चीनी मिल ने नए सत्र में खरीदे गए गन्ने का भुगतान शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में मिल की ओर से किसानों को सात नवंबर तक की गई खरीदा का भुगतान भेजा गया है। इससे पहले मिल 15 जनवरी को पिछले सत्र का भुगतान भी कर चुकी है। शासन द्वारा गन्ने के दाम तय करने के बाद से मिल पर गन्ना भुगतान का दबाव बढ़ने लगा था।
सिंभावली चीनी मिल द्वारा पिछले वर्ष समेत वर्तमान पेराई सत्र का गन्ना भुगतान नहीं किया जा रहा था। किसान संगठनों ने इसके विरोध में काफी धरना-प्रदर्शन किए। डीएम की सख्ती के बाद मिल प्रबंधन ने किसानों को पिछले पेराई सत्र का बकाया भुगतान 15 जनवरी को कर दिया था। सरकार द्वारा गन्ने के दाम तय करने के बाद मिल पर नए पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ने के भुगतान का दबाव बढ़ने लगा। अधिकारियों ने सरकार द्वारा घोषित गन्ना मूल्य के हिसाब से भुगतान का निर्देश दिया गया। आदेश का पालन करते हुए मिल प्रबंधन ने बुधवार को वर्तमान पेराई सत्र में सात नवंबर तक खरीदे गए गन्ने के 4.82 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। चीनी मिल के महाप्रबंधक करन सिंह ने बताया कि चीनी मिल हमेशा किसानों के हित में काम करती है। सरकार द्वारा गन्ने के दामों को घोषित करने के बाद से मिल ने गन्ना भुगतान करना शुरू कर दिया है। जल्द ही किसानों को और भुगतान किया जाएगा।