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Hapur News: स्क्रैप के बंटवारे को लेकर हुई थी सरफराज की हत्या

Tue, 23 Jan 2024 10:47 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। थाना गढ़मुक्तेश्वर और स्वाट टीम की संयुक्त पुलिस ने सात जनवरी को बदरखा नहर पर हुए सरफराज हत्याकांड का खुलासा किया है। लूट की झूठी कहानी बनाकर स्क्रैप के माल का बंटवारा करने के लिए उसके ही तीन साथियों ने सरफराज को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने मुठभेेड़ के बाद एक घायल सहित दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैैै। जबकि इस हत्याकांड का मास्टमाइंड अभी भी फरार है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से करीब 30 लाख रुपये की कीमत के 40 बोरे इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप, घटना में प्रयुक्त पिस्टल व छोटा हाथी बरामद किया है।
सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि थाना गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह व स्वाट टीम प्रभारी नजीर अली खान की टीम ने शाहपुर नहर पुलिया के पास से मुठभेड़ के बाद रिहान निवासी सीलमपुर, दिल्ली को घायल अवस्था व सादिक निवासी सीलमपुर को गिरफ्तार किया। वहीं, इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड नवाजिश निवासी सीलमपुर दिल्ली अभी फरार है। उन्होंने बताया कि मृतक सरफराज, नवाजिश, रिहान व सादिक मिनी ट्रक चलाने का काम करते थे। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप को लुटवाने की योजना 6 जनवरी की शाम सीलमपुर दिल्ली में बनाई थी। इसी दिन रात को सरफराज एक व्यक्ति का अपने मिनी ट्रक में स्क्रैप का माल भरकर हरियाणा के बहादुरगढ़ के लिए चल दिया। जैसे ही वह दिल्ली के खजूरी पुस्ता इलाके में पहुंचा तो नवाजिश अपना मिनी ट्रक लेकर रिहान, सादिक के साथ यहां पहुंचा गया। चारों ने मिलकर स्क्रैप अपने ट्रक में लाद लिया। इसके बाद लूट की घटना दिखाने के लिए सरफराज के हाथ पैर बांध दिए।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इस दौरान सरफराज ने स्क्रैप के माल में अपना ज्यादा हिस्सा होने की बात कही। इसको लेकर चारों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि नवाजिश, रिहान व सादिक ने हाथ पैर बंधे सरफराज का मुंह बांधकर उसके ही मिनी ट्रक में डाल दिया और कुछ दूरी तय कर उसके मिनी ट्रक को ट्रॉनिका सिटी इलाके में छोड़ दिया। तीनों इसको लेकर बदरखा नहर के पास पहुंचे। जिसके बाद पिस्टल से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद नवाजिश ने लूटा हुआ स्क्रैप का माल चांदपुर बिजनौर निवासी अपने साढू के यहां छिपा दिया और फरार हो गए।
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मृतक के पास मिले सिम व परिजनों से बातचीत में मिला सुराग
सात जनवरी की सुबह बदरखा नहर में सरफराज का गोली लगे शव के पास उसका सिम भी पड़ा मिला। इसके माध्यम से उसकी गांव बदरखा मे रिश्तेदारी होने का पता चला। इसके बाद उसके परिजनों से बातचीत के माध्यम से उसके दिल्ली के सीलमपुर में छोटा हाथी चलाने की जानकारी हुई। पुलिस ने सीलमपुर पहुंचकर उसके मालिक से इस संबंध में जानकारी की। मालिक ने बताया कि 6 जनवरी की देर शाम सरफराज छोटे हाथी में स्क्रैप भरकर हरियाणा के बहादुरगढ़ के लिए निकला था। जब माल वहां नहीं पहुंचा तो मालिक ने संबंधित थाने में इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस व स्वाट टीम ने हापुड़, दिल्ली, मेरठ आदि स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे को भी जांच की गई थी।
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