हापुड़। नियमों को ताक पर रखकर फैक्टरी का संचालन करना भारी पड़ गया। ततारपुर स्थित एक प्लाईवुड फैक्टरी पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने छापा मारा। प्रदूषण फैलाने पर फैक्टरी पर ढाई लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मानक न पूरे करने पर 18 फैक्टरियों के संचालकों को नोटिस दिए गए हैं।
एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अलग से टीम बनाई हुई है, जो जिलों में प्रदूषण के मानकों को लेकर जगह-जगह कार्रवाई करती है। अब टीम ने ततारपुर स्थित एक प्लाईवुड फैक्टरी पर कार्रवाई की है। पूर्व में भी इस फैक्टरी पर जुर्माना लगा था, लेकिन इसके बाद भी फैक्टरी पर लगा बॉयलर लगातार प्रदूषण फैला रहा था। जिसके बाद टीम ने फैक्टरी पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि फैक्टरी के संचालक जुर्माना नहीं देते हैं तो फिर तहसील से आरसी भी जारी कराई जाएगी।
गैस चैंबर बन जाता है यह क्षेत्र
पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली-एनसीआर का क्षेत्र दीपावली के आसपास गैस चैंबर में तब्दील हो जाता है। इसलिए इस क्षेत्र में सख्ती की जा रही है। जिस कारण यहां रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की सेहत को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। जिला भी इसमें शामिल है। फैक्टरियों का संचालन बायोगैस, पीएनजी आदि से ही कर सकते हैं। जनपद के औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी की लाइन बिछाई जा रही है। करीब 300 कनेक्शन जनपद में दिए जाने हैं, लेकिन अभी संचालकों ने कनेक्शन नहीं लिए हैं। उनका तर्क है कि यह गैस उन्हें महंगी पड़ रही है।
कोट -एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण रोकने के लिए बनाई गई टीम ने ततारपुर में प्लाईवुड फैक्टरी का निरीक्षण किया था। जिस पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
- विपुल कुमार, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड