गढ़मुक्तेश्वर। अपनी कार के आगे चार बाउंसरों के साथ एस्कार्ट लेकर चलने वाला कथित भाजपा नेता संजीव यादव को पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर डेढ़ लाख का मोबाइल खरीदने के बाद रुपये न देने और दुकानदार को धमकी देने का आरोप लगा है।
सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात चेकिंग के दौरान गढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संदेह होने पर पुलिस टीम ने लग्जरी कार को रोक लिया। इसमें खुद को भाजपा का नेता बताने वाला संजीव यादव बैठा हुआ था और असलम कार चला रहा था। पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो उसमें दो तमंचे और जिंदा कारतूस रखे मिले। इसके आधार पर संजीव यादव और असलम समेत कार को कब्जे में ले लिया गया। सीओ ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम की धारा में अभियोग दर्ज करते हुए उन्हें कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
डेढ़ लाख का मोबाइल खरीदकर दिए एक हजार रुपये
सीओ ने बताया कि संजीव यादव ने पिछले दिनों गढ़ चौपला के तहसील रोड पर एनसीआर मोबाइल सेंटर से डेढ़ लाख कीमत का मोबाइल खरीदा था, लेकिन एक हजार रुपये थमाकर शेष रकम घर से लाने की बात कहकर चला गया था। इसके बाद दुकानदार ने तकादा किया तो आरोपी ने उसे भुगत लेने की धमकी दी। दुकानदार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
दर्जा प्राप्त मंत्री का प्रतिनिधि बताकर गांठ रहा था रौब
भारतीय एकता पार्टी से अपने सियासी जीवन का सफर करने वाला संजीव यादव बाद में बसपा और सपा में होता हुआ पिछले काफी दिनों से भाजपा में सक्रिय चल रहा है। जो अपनी कार पर दर्जा प्राप्त केंद्रीय मंत्री के जनप्रतिनिधि का बोर्ड लगाकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ ही भोले भाले लोगों पर रौब गांठ रहा था। संजीव यादव अपने फोटो प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भाकियू भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानुप्रताप सिंह के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को चर्चाओं में बनाए रखता था।
आरोपी का विवादों से पुराना नाता
करीब आठ साल पहले ब्रजघाट गंगानगरी में खाली पड़े आवासीय प्लॉट पर अवैध ढंग में कब्जा करने का प्रयास करने के दौरान स्थानीय लोगों ने संजीव यादव समेत उसके कई बाउंसरों की जमकर धुनाई कर डाली थी। इसमें मुकदमा दर्ज होने पर उसे बाउंसर के साथ जेल की हवा खानी पड़ी थी। वहीं, गांव खिलवाई के एक व्यक्ति को प्लॉट दिलाने की आड़ में लाखों की रकम एंठने और अपने साथी को पुलिसकर्मी की वर्दी पहनाकर साथ रखने जैसे मामलों में भी संजीव यादव की जमकर किरकिरी हुई थी।
नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी का आरोप
उप मुख्यमंत्री समेत कई बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर संजीव यादव बेरोजगार युवकों को भी अपना निशाना बनाता रहता था। जो पुलिस समेत कई विभागों में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करता रहता था, जिसको लेकर कई लोगों द्वारा तहरीर भी दी जा चुकी हैं।
भाजपा ने झाड़ा पल्ला
भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश तोमर ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि संजीव यादव से भाजपा का कोई भी वास्ता नहीं है। क्योंकि वह पार्टी का कार्यकर्ता और सक्रिय सदस्य भी नहीं है। हालांकि कार पर पार्टी का झंडा लगाए जाने के विषय में जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।