गंगा खादर क्षेत्र में गांव छुछाई के किसान के दो बेटों को तेंदुए के हमले से उनके पालतू कुत्ते ने बचा लिया। हालांकि घायल की कुत्ते की तत्काल मौत हो गई।
हमला उस समय हुआ, जब दोनों भाई खेत से चारा लेकर लौट रहे थे। तेंदुए के हमले से किसानों में दहशत है और वे खेतों में जाने से डर रहे हैं। उधर, वन विभाग के अफसरों ने घटना से अनभिज्ञता जताई है।
बिजनौर और मुरादाबाद में एक वर्ष पहले तक आदमखोर बाघिन ने खूब आतंक मचाया था। उसके हमले में कई लोगों की मौत हुई थी। वन विभाग अभी तक उस बाघिन को नहीं पकड़ पाया है।
अब इधर, गंगा खादर क्षेत्र में फिर से तेंदुए ने दस्तक दे दी है। मेरठ के छुछाई गांव के जंगल में मंगलवार शाम को किसान जयपाल सिंह के बेटे सुनील और अनिल जंगल से चारा लेने गए थे। उनके साथ पालतू कुत्ता भी था।
तेंदुए ने सुनील और अनिल पर अचानक हमला किया तो उनका कुत्ता तेंदुए से भिड़ गया। तेंदुए कुत्ते को दबोच कर भाग निकला, लेकिन थोड़ी दूर पर खेत से आ रहे लोगों को देखकर तेंदुआ कुत्ते को छोड़कर भाग गया।
गंभीर रूप से जख्मी कुत्ते ने थोड़ी देर बाद ही दम तोड़ दिया। घटना से अभी दोनों भाई भयभीत हैं। हालांकि मामला मेरठ क्षेत्र का है, लेकिन गढ़ के गंगा खादर इलाके से सटा है। इसलिए यहां के किसान अब खेतों की ओर जाने डर रहे हैं।