रोडवेज बस में सफर के दौरान दुर्घटना का शिकार होने वाले मृतकों के परिजनों को अब परिवहन निगम की ओर से पांच लाख रुपये तक मुआवजा मिल सकेगा। ढाई साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर ढाई लाख रुपये और इससे कम आयु के बच्चों के लिए सवा लाख रुपये तक की राहत राशि देने का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि का भुगतान बीमा कंपनी की ओर से किया जाएगा।
परिवहन निगम की यात्री राहत योजना के मुताबिक आधा टिकट लेकर यात्रा कर रहा बच्चा, फैमिली पास धारक, दैनिक यात्री एमएसटी, स्मार्ट कार्ड धारक, प्रोवलेज ट्रैवलिंग आर्डर धारकों को भी इस दुर्घटना बीमा योजना में शामिल किया गया है। साथ ही रोडवेज बस से दुर्घटना में किसी राहगीर के मृत्यु होने पर भी इस योजना का लाभ उसके परिवारजनों को दिया जा सकता है।
लेकिन इसके लिए पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज रोडवेज के सक्षम अधिकारी के सामने प्रस्तुत करने होंगे। इस योजना में परिवहन निगम की बसें और अनुबंधित बसों से दुर्घटना होने पर ही क्लेम मिल सकेगा। लेकिन हादसे के दौरान विकलांगता होने पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक धीरज सिंह पवार ने बताया कि योजना के तहत दुर्घटना में यात्री की मौत के बाद उसके परिवारजनों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। डिपो में भी इसे लागू कर दिया गया है।