हापुड़। आईओसीएल (इंडेन) कंपनी की जिले की 14 गैस एजेंसियों पर आपूर्ति के मुकाबले स्टॉक के सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के बाद अब सेल्स अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है। मामले में जिला पूर्ति अधिकारी की रिपोर्ट पर डीएम अभिषेक पांडेय ने शासन में प्रमुख सचिव को पत्र भी भेजा है। सत्यापन में करीब 800 कॉमर्शियल और 1400 घरेलू सिलिंडर की फर्जी आपूर्ति दर्शायी गई है।
पिछले दिनों एक गैस एजेंसी के संचालक ने मामले में पूर्ति विभाग के अधिकारियों से मौखिक रूप से शिकायत की थी। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी डॉ सीमा सिंह को जांच के आदेश दिए। इसके बाद रविवार की शाम से लेकर रात करीब 11 बजे तक कंपनी की सभी 14 एजेंसी व उनके गोदामों पर स्टॉक का सत्यापन कराया गया।
स्टॉक में कंपनी की सेल्स अधिकारी द्वारा एजेंसियों पर आपूर्ति को लेकर दर्शाए गए डाटा के मिलान में बड़ा अंतर मिला था। डाटा में सामने आया कि सेल्फ अधिकारी ने एजेंसियों को कम गैस सिलिंडर दिए, जबकि पूर्ति विभाग को जो डाटा भेजा गया, उसमें सिलिंडर की संख्या अधिक थी। सेल्स अधिकारी पर आरोप है कि वह पूर्ति विभाग के अधिकारियों को फर्जी डाटा उपलब्ध करा रहीं थीं, जबकि एजेंसियों को कम सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे थे। इस कारण जिले में उपभोक्ताओं को सिलिंडर की बिक्री में भी परेशानी उठानी पड़ी।
वहीं, जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों को मात्र एक दिन के सत्यापन में सिलिंडरों को लेकर इतना बड़ा फर्क मिला है। इसलिए करीब 15 दिन में हुई आपूर्ति, स्टॉक और बिक्री की जांच की मांग की गई है। जिससे कि कड़ी कार्रवाई हो सके।
सत्यापन की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपा गया था। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कंपनी की सेल्स अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। एक दिन के स्टॉक के सत्यापन में ही इतनी गड़बड़ी मिली है।
- डॉ सीमा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी