कार्तिक मेले के दौरान नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम मुक्त रखने के लिए आईजी ने बॉर्डर से जुड़े जनपदों की पुलिस को संयुक्त मीटिंग कर रूट डायवर्जन का प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन का सभागार तैयार न होने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने मेला संबंधी सभी मीटिंग खादर मेला स्थल पर ही कराने और मुख्य स्नान घाट का क्षेत्रफल बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बता दें कि कार्तिक मेले के दौरान नेशनल हाईवे को जाम मुक्त रखना पुलिस-प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है।
इसके मद्देनजर आईजी अजय आनंद, डीआईजी केएस इमेनुएल और एसपी अलंकृता सिंह बृहस्पतिवार देर शाम ब्रजघाट गंगानगरी में पहुंचे। आईजी ने मेले के मुख्य स्नान पर्व के दौरान हाईवे सहित सभी रास्तों को पूरी तरह जाम मुक्त रखने का कड़ा निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि हापुड़ समेत बॉर्डर से जुड़े अमरोहा, बुलंदशहर, मेरठ और गाजियाबाद के पुलिस अफसर संयुक्त मीटिंग कर रूट डायवर्जन का प्लान तैयार करें और उसे सख्ती से लागू करें। इस दौरान लोक निर्माण गेस्ट हाउस में होने वाली मीटिंग को स्थगित कर दिया गया।
मेला स्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लिया। आईजी ने मुख्य स्नानघाट का क्षेत्रफल बढ़ाने और वहां हो रही दलदल जैसी स्थिति से निबटने के लिए बोरों में रेत भरवाकर रखवाने का निर्देश दिया।
इस दौरान एसपी अलंकृता सिंह ने सुरक्षा के मद्देनजर संपर्क रास्तों सहित मेला स्थल पर 21 थाने, स्नानघाटों के पास वॉच टावर, सीसी टीवी कैमरे, सात स्नान घाट, घुड़सवार दल, दमकल, मेटल डिटेक्टर से तलाशी, गुंडा दमन दल, बम निरोधक दस्ते आदि के बारे में जानकारी दी।
आईजी ने कहा कि बाहरी जनपदों की पुलिस का आगमन छह नवंबर तक शुरू हो जाएगा। इसलिए ठहराव और खानपान से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में कोई खामी नहीं होनी चाहिए।
डीआईजी ने मेला संपन्न होने से पहले गायब होने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। सीओ मेला सतीश चंद्र पांडेय और इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने मेले से जुड़े अहम पहलुओं की जानकारी दी।
आईजी ने तल्ख लहजे में कहा कि मेला क्षेत्र में किसी भी कीमत पर शराब और असलाह नहीं ले जाने दिया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि भक्तों का आगमन चालू होने के पहले ही दिन सभी संपर्क रास्तों पर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद होकर चेकिंग करे ताकि मेले में किसी भी तरह शराब और असलहा न पहुंच पाए।
एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि मेले के दौरान रूट सेक्टरों पर बनाए जाने वाले सभी थाने बहुत जल्द खुलवा दिए जाएंगे। यहां फौरी तौर पर एक-एक इंस्पेक्टर के साथ चार पुलिस वालों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
मेला सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि गढ़ से जुड़े तीनों रेलवे फाटकों के पास पुलिस की अलग से तैनाती रहेगी, ताकि मेले में आने जाने के दौरान गंगा भक्तों को कोई असुविधा न हो।