शहर में अवैध पानी कनेक्शन का इस्तेमाल करने वालों की अब खैर नहीं है। अगर जल कनेक्शन नियमित नहीं कराया गया तो उनके खिलाफ एफआईआर हो सकती है।
इतना ही नहीं नगर पालिका कनेक्शन काटने में आने वाला पूरा खर्चा वसूल करेगी। शहर में 45 हजार मकान हैं, जबकि मात्र 16 हजार लोगों ने कनेक्शन ले रखा है।
नगर पालिका क्षेत्र के 36 वार्डों के विभिन्न मोहल्लों में करीब 45 हजार मकान हैं। इनमें से मात्र 16000 मकानों में पानी का कनेक्शन है। हालांकि कई बाहरी इलाकों में अभी पाइप लाइन भी नहीं हैं या फिर कुछ ने सबमर्सिबल पंप लगवा रखा है।
नगर पालिका अफसर अब ऐसे लोगों को चिन्हित करेंगे जो अवैध रूप से नगर पालिका के पानी का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए पालिका की जलकल विभाग के कर्मचारियों की दो टीमों का गठन किया गया है।
टीम के सदस्य ऐसे लोगों को चिन्हित करेंगे। अवैध कनेक्शन काटे जाने के साथ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। कनेक्शन काटने में आने वाला खर्चा भी वसूला जाएगा।
अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ अभियान जल्द शुरू होगा। जो लोग अवैध रूप से पानी कनेक्शन लिए हुए हैं। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश जल सम्मरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम 1975 एवं नगर पालिका अधिनियम 1916 के सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट लिखाई जाएगी। - अनवर ख्वाजा, सहायक अभियंता, जलकल विभाग